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Motivational: राजस्थान का ये जिला बना इनोवेशन का गढ़, 8 युवाओं के स्टार्टअप्स को मिला लाखों रुपए का फंड

Innovation Real life Inspirational Story: राजस्थान के झालावाड़ जिले के युवाओं ने अपने इनोवेटिव आइडिया के साथ न केवल राज्य बल्कि देशभर में अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में, राज्य सरकार द्वारा इन युवा उद्यमियों को 21 लाख रुपये से अधिक का अनुदान प्रदान किया।

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लांचपेड सेंटर में युवाओं को जानकारी देते विशेषज्ञ (फोटो: पत्रिका)

Jhalawar Youth Get Lakhs Rupees Funding For Startups: राजस्थान के युवाओं के इनोवेटिव आइडिया स्टार्टअप्स की शक्ल में उड़ान भर रहे हैं। एक-दो नहीं बल्कि सैंकड़ों स्टार्टअप्स न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी धाक जमा रहे हैं। इतना ही नहीं, ये स्टार्टअप्स आइटी सेक्टर के साथ-साथ चिकित्सा और शिक्षा जैसे पब्लिक सेक्टर्स में भी लोगों का जीवन आसान कर रहे हैं।

यहीं कारण है कि कुछ वर्षों में ही प्रदेश स्टार्टअप्स आइडिया में दसवें से चौथे पायदान पर पहुंंच गया है। राजस्थान में अब तक 3 हजार से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हो चुक है। झालावाड़ जिले में 29 स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से हाल में जिले के आठ युवाओं का आइडिया अनुदान के लिए चयनित हो चुका है।

मिल चुका अनुदान

राज्य सरकार हाल में दिसंबर माह में जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में इनोवेशन-डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झालावाड़ जिले के नवाचार स्टार्टअप्स को 21 लाख रूपए से अधिक का आइडिया अनुदान प्रदान किया। जिले से चयनित 8 स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार से राज्य स्तर पर पहचान बनाई।

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं और उद्यमियों के इनोवेशन राज्य के विकास की दिशा तय करेंगे। ऐसे नवाचारों को आगे बढ़ाने और स्थापित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार निभाएगी। चयनित स्टार्टअप्स को प्रथम चरण में 2 लाख से 5 लाख रूपए तक का अनुदान दिया गया है, जबकि आगामी चरणों में 30 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी।

ये है जिले के चयनित स्टार्टअप्स

एग्री एंड डेयरी प्रोडक्ट्स

सिंगापुर से लौटकर अपने गृह जिले झालावाड़ के पिडावा क्षेत्र के बालदा गांव की सोनिया जैन ने कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप की शुरुआत की। उनके नवाचार ‘कुसुम हर्बल टी’, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, स्वयं का फार्म स्थापित कर और किसानों, गृहणियों एवं बेरोजगार युवाओं को रोजगार दे रही है। इन्हे 3 लाख रुपए का आइडिया अनुदान दिया गया।

बनाया रोबोट

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, झालावाड़ से पासआउट छात्र स्वप्निल शर्मा ने मोबाइल औरआईओटी आधारित रोबोट विकसित किया, जो मरीजों की सहायता, वेटर सेवा और अन्य सहायक कार्यों में उपयोगी है। इसके लिए 2.40 लाख रुपए का अनुदान दिया गया।

गुड़ की हर्बल आंवला कैंडी

राजकीय महाविद्यालय, झालावाड़ से सेवानिवृत्त प्रोफेसर साधना गुप्ता ने आंवला और गुड़ से निर्मित हर्बल कैंडी तैयार की, जो त्वचा, बाल, रक्त, शुगर और पाचन से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी है। इस स्टार्टअप को 3 लाख रुपए का आइडिया अनुदान दिया गया।

हाउस ऑफ फैशन

झालरापाटन की शालिनी यादव ने वेस्ट कपड़ों और उनकी एसेसरीज से नए परिधान, ज्वेलरी और बैग डिजाइन किए। इस इनोवेशन के लिए 3 लाख रुपए का अनुदान मिला।

ऑर्गेनिक उत्पाद बनाएं

झालरापाटन निवासी श्याम सुंदर ने प्राकृतिक अवयवों से हर्बल सफाई उत्पाद विकसित किए। इसके लिए 2.40 लाख रूपए का अनुदान दिया गया।

एग्रो बायोटेक

जिले के लीमी गांव के दो भाई अमित एवं गोविंद मीणा ने कृषि क्षेत्र में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और हर्बल समाधान विकसित करने का नवाचार किया। इसके लिए 2.40 लाख रुपए का आइडिया अनुदान दिया।

किसानों के लिए बनाया रोवर

जिले के गोविंदपुरा गांव निवासी रामधन लोधा ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक कृषि रोवर मशीन विकसित की। इसके लिए इन्हे 2.40 लाख का अनुदान मिला।

हेलमेटीक्यूआरडी

राजकीय आईटीआई, झालावाड़ के छात्र धर्म सिंह ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक स्मार्ट हेलमेट डिज़ाइन किया, जो दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।इसका संबंध बाइक से जोड़ा गया है, बिना हेलमेट के बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी। इसकेलिए 2 लाख 40 हजार का आइडिया अनुदान मिला।

सीखने के लिए प्रशिक्षक

पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो रामकल्याण मीणा व लांचपेड सेंटर के नोडल अधिकारी प्रो.हमीद अहमद ने बताया कि पीजी कॉलेज में आईस्टार्ट आईनेस कॉलेज लांचपेड में एग्रीकल्चर, एजुकेशन, हेल्थकेयर, आइटी, फाइनेंस, ट्रेवल-टूरिज्म, फूड संबंधी स्टार्टटप आदि से युवा जुड़कर सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

राजकीय पीजी कॉलेज में लॉन्चपैड से पंजीकृत सभी स्टार्टअप्स में युवा बिजनेस आइडिया के साथ वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन की स्वीकृति के लिए सबसे पहले स्टार्टअप आइडिया देखा जाता है। निर्धारित चैकलिस्ट पर खरा उतरने पर स्टार्टअप को वहां जगह मिल जाती है। किसी भी उम्र या सेक्टर से जुड़ा राजस्थान का व्यक्ति इसमें जुड़ सकता है। बेहतर और अलग आइडिया होने पर सरकार फंडिंग कर रही है।

मोहम्मद शाहरूख भाटी, डोमन विशेषज्ञ, पीजी कॉलेज, झालावाड़