झालावाड़

Jhalawar: स्प्रे मशीन में फंसी महिला की मौत, 2 बच्चों के सिर से उठा मां का साया

Rajasthan News: झालावाड़ में खेत पर काम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। कीटनाशक का छिड़काव करते समय स्प्रे मशीन में कपड़े फंसने से 41 साल की महिला की मौत हो गई जिससे उसके दो बेटों के सिर से मां का साया उठ गया।
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कार्रवाई करती पुलिस और इनसेट में मृतका की फाइल फोटो: पत्रिका

Woman Dies After Stuck In Spray Machine: झालावाड़ जिले के झालरापाटन सदर थाना क्षेत्र के बिरियाखेड़ी गांव में खेत पर काम करते समय एक दर्दनाक हादसा हुआ। दरअसल कीटनाशक का छिड़काव करते समय स्प्रे मशीन में कपड़े फंसने से 41 साल की महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका अपने पीछे पति और 2 बेटों को छोड़ गई है।

पति की करवा रही थी मदद

पुलिस के अनुसार बिरियाखेड़ी गांव निवासी पृथ्वी सिंह अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। उनकी पत्नी कलाबाई भी खेत में उनके साथ मौजूद थीं और खेती के काम में सहयोग कर रही थीं। इसी दौरान अचानक उनके कपड़े स्प्रे मशीन में फंस गए। मशीन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

इलाज के दौरान हुई मौत

हादसे के तुरंत बाद पृथ्वी सिंह ने आसपास मौजूद ग्रामीणों की मदद से कलाबाई को मशीन से बाहर निकाला। उनकी हालत गंभीर होने के कारण बिना समय गंवाए उन्हें इलाज के लिए झालावाड़ के एसआरजी चिकित्सालय ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया लेकिन गंभीर चोटें लगने और अधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। काफी प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।

आर्थिक रूप से कमजोर है परिवार

ग्रामीणों ने बताया कि मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। परिवार के पास करीब एक बीघा कृषि भूमि है, जिससे किसी तरह घर का खर्च चलता है। पृथ्वी सिंह खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और कलाबाई भी खेत के हर काम में उनका हाथ बंटाती थीं। खेती ही इस परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। परिवार की आय का कोई दूसरा स्थायी स्रोत नहीं है।

2 बच्चों के सिर से उठा मां का साया

मृतका अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गई जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। मां की अचानक मौत से दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्यों का भी दुख से बुरा हाल है।

Updated on:
30 Jun 2026 01:01 pm
Published on:
30 Jun 2026 12:42 pm