
आरोपी गिरफ्तार (पत्रिका फोटो)
Jhalawar Child Labour Exposed: अकलेरा (झालावाड़): सोशल मीडिया पर मनोरंजन के लिए बनाई गई एक इंस्टाग्राम रील ने बालश्रम के गंभीर मामले का भंडाफोड़ कर दिया है। राजस्थान के झालावाड़ जिले की अकलेरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चों से बालश्रम कराने के आरोप में एक हॉस्टल के संचालक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बच्चों के अधिकारों के हनन और बालश्रम कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, मामला 14 जून 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक इंस्टाग्राम रील से सामने आया। यह रील 'tr_msc.maths' नामक इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट की गई थी, जिसका प्रोफाइल नाम 'Raju Lovevanshi' है।
इस वीडियो रील में साफ देखा जा सकता था कि एक मारुति सुजुकी ईको गाड़ी में 4 मासूम बच्चे सवार थे। इन बच्चों के हाथों में पोस्टर जैसे कागज, वाइपर और सफेद रंग की प्लास्टिक की बाल्टी थी।
वीडियो में बच्चे और एक वयस्क व्यक्ति 'स्वामी विवेकानंद हॉस्टल, अकलेरा' के नाम के प्रचार पोस्टर दीवारों पर लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। पोस्टर लगाने के बाद बच्चे उसी ईको गाड़ी में बैठकर जाते हुए नजर आए। हैरान करने वाली बात यह थी कि उस गाड़ी की डिब्बी के फाटक और शीशे पर भी इसी हॉस्टल का बड़ा सा पोस्टर चिपका हुआ था।
इस रील के सामने आने के बाद अकलेरा थानाधिकारी धर्मराम ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर दिख रहे तथ्यों के आधार पर तुरंत स्वतः संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच शुरू की।
बच्चों से हॉस्टल का प्रचार कराने और बालश्रम करवाने के पुख्ता सबूत मिलने पर विवेकानंद हॉस्टल के संचालक के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
बालश्रम के खिलाफ पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान "उमंग-VII" (बालश्रम, बंधुआ मजदूरी एवं मानव दुर्व्यापार उन्मूलन अभियान) के तहत एसपी अमित कुमार ने इस मामले में कड़े निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा और वृत्ताधिकारी वृत्त अकलेरा मनोज सोनी के सुपरविजन में थानाधिकारी धर्मराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस पुलिस टीम जिसमें एएसआई भोलाराम, कांस्टेबल केसराम और कांस्टेबल लखन शामिल थे, ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 28 जून 2026 को दो आरोपियों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। राजू पुत्र बाबूलाल (उम्र 28 साल): यह विवेकानंद हॉस्टल का संचालक है, जो चंदीपुर (थाना जावर, जिला झालावाड़) का रहने वाला है। भगवान दास पुत्र मोहनलाल (उम्र 29 साल): यह बुमरिया (थाना कामखेड़ा, जिला झालावाड़) का निवासी है और इस अपराध में शामिल था।
झालावाड़ पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों, दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि बच्चों से बालश्रम कराना कानूनन एक गंभीर अपराध है। किसी भी बच्चे को होटल, ढाबे, दुकान, फैक्ट्री, निर्माण स्थल या घरेलू कार्यों में लगाना कानून का खुला उल्लंघन है।
ऐसा करने वालों के खिलाफ बालश्रम अधिनियम 1986 और जेजे एक्ट 2015 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन का अधिकार है। यदि कहीं भी बालश्रम या बच्चों का शोषण दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस थाना, हेल्पलाइन नंबर 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें।
Updated on:
29 Jun 2026 04:58 pm
Published on:
29 Jun 2026 04:58 pm
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