हमारे यहां हर शुभ कार्य शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है, लेकिन तिथि पर्व के हिसाब से पंचांग में कुछ ऐसे दिन बताए गए हैं जिस दिन कोई भी शुभ काम बिना मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। इन्हीं में से एक है भड्ल्या नवमी।
Bhadlya Nawami 2023झुंझुनूं. इस सीजन का आखिरी बड़ा व अबूझ सावा मंगलवार को भड़ल्या नवमी का रहेगा। इसके बाद 29 जून को एकादशी पर भगवान योग मुद्रा में चले जाएंगे और नवम्बर तक शादियां टल जाएंगी। फिर 23 नवम्बर को दवोत्थान एकादशी
Devuthani Ekadashi 2023 पर फिर से शहनाई बजेगी।भड़ल्या नवमी के अबूझ विवाह मुहूर्त पर जिले में सैकड़ों शादियां होंगी। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि जिनके कुंडली अथवा नाम से शादी के विवाह लग्न नहीं मिलते हैं वे इस अबूझ मुहूर्त में शादी के बंधन में बंधकर सात फेरे ले सकेंगे। हमारे यहां हर शुभ कार्य शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है, लेकिन तिथि पर्व के हिसाब से पंचांग में कुछ ऐसे दिन बताए गए हैं जिस दिन कोई भी शुभ काम बिना मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। इन्हीं में से एक है भड्ल्या नवमी। इसे कई जगह भड़ली नवमी भी कहते हैं। यह आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। इस दिन विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई, जनेऊ संस्कार आदि कराने का विशेष महत्व है।
लगा रहे वाटर प्रूफ टेंट
पहले यह लग रहा था मानसून 28 जून या इसके बाद झुंझुनूं में आएगा। लेकिन समय से पूर्व मानसून आने के कारण जिलेभर में बरसात हो रही है। शादी वाले घरों में ऐनवक्त पर कई कार्यक्रम बदले गए हैं। टेंट भी वाटर प्रूफ लगाया जा रहा है। जो कार्यक्रम खुले में होने तय थे, वे अब बडे हॉल में करवाए जा रहे हैं। बारात के रुकने के स्थल भी बदल गए हैं।