
The formula for sending test samples to the medical college failed : जिले के कई सरकारी अस्पतालों में कई जांचें बंद होने से मरीज भटकने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल सहित जिला अस्पताल नवलगढ़, उप जिला अस्पताल मलसीसर, खेतड़ी व चिड़ावा में कई प्रकार की जांचें बंद हैं। भगवानदास खेतान अस्पताल में भी थायराइड, तीन महीने का शुगर लेवल, विटामिन व गर्भवती महिलाओं की ऑपरेशन के दौरान होने वाली आपातकालीन जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में शहर, कस्बों व गांवों से आने वाले मरीजों को निजी लैब में महंगी दरों पर जांच करानी पड़ रही है।
जांच नमूना मेडिकल कॉलेज भेजने का फार्मूला भी फेल
बीडीके अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों का पहले निजी लैब के साथ करार था। इसके तहत यहां पर थायराइड, तीन महीने के शुगर लेवल, विटामिन समेत अन्य प्रकार की जांचें होती थीं। बाद में करार खत्म होने के बाद दोनों जिला अस्पतालों व तीनों उप जिला अस्पतालों में आने वाले मरीजों के लिए यह तय किया गया कि जाचं के लिए नमूने लेकर नजदीकी मेडिकल कॉलेज सीकर से जांच कराकर रिपोर्ट मंगवाई जाएंगी। यह सिलसिला कुछ ही दिन चला। पिछले कई दिनों से बीडीके अस्पताल में आने वाले मरीजों को उक्त जांच बंद होने का हवाला देकर वापस भेजा जा रहा है।
यह जांचें नहीं हो पा रही हैं...
-थायराइड से संबंधित सभी प्रकार की जांचें
-तीन महीने के शुगर लेवल के लिए एचबी-1 सी
-विटामिन बी-12 समेत अन्य विटामिन की जांचें
-फोलिक एसिड
-गर्भवती महिलाओं के लिए टॉर्च प्रोफाइल (6 टेस्ट)
-सभी प्रकार के हार्मोन की जांचें
-यूरिन कल्चर
-एनीमिया से संबंधित जांचें
-प्रोस्टेट की जांचें
-कैंसर से संबंधित सभी प्रकार की जांचें
-थैलेसीमिया से संबंधित जांच