झुंझुनू

कौन हैं बावलिया बाबा, जिनकी प्रियंका गांधी ने जय बोली

झुंझुनू जिले के बुगाला ग्राम में विक्रम सम्वत 1903 में पौष बदी एकम को गुरुवार के दिन ब्राह्मण परिवार में घनश्यामदास के घर इनका जन्म हुआ। कम उम्र में ही फारसी भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। विक्रम सम्वत 1947 में बावलिया बाबा चिड़ावा नगरी आए। उन्होंने अघोर पंथ अपनाया। वे भगवती दुर्गा के परमभक्त थे तथा दुर्गामंत्र का हर वक्त जाप करते रहते थे।

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Oct 26, 2023
प्रियंका गांधी , बावलिया बाबा

Priyanka Gandhi In Jhunjhunu

प्रियंगा गांधी 25 अक्टूबर 2023 को राजस्थान के झुंझुनूं जिले के अरडावता गांव में आई। यहां उन्होंने अपने सम्बोधन की शुरुआत में शाकम्भरी माता, खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी व बावलिया बाबा की जय बोली।प्रियंका गांधी ने अपने भाषण के समापन पर लाेगों ने तीन बार जय हिन्द भी बुलवाया।
बावलिया बाबा राजस्थान के शेखावाटी अंचल में परमहंस के रूप में पूजे जाते हैं। उनके अनुयायी बताते हैं बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के कारण कम उम्र में ही वेदों, व्याकरण, ज्योतिष में पर्याप्त ज्ञान प्राप्त कर लिया था। स्वयं को परमहंस की अवस्था में ढाल लिया तथा नीले वस्त्र धारण करने लगे।
झुंझुनू जिले के बुगाला ग्राम में विक्रम सम्वत 1903 में पौष बदी एकम को गुरुवार के दिन ब्राह्मण परिवार में घनश्यामदास के घर इनका जन्म हुआ। कम उम्र में ही फारसी भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। विक्रम सम्वत 1947 में बावलिया बाबा (Bawaliya Baba) चिड़ावा नगरी आए। उन्होंने अघोर पंथ अपनाया। वे भगवती दुर्गा के परमभक्त थे तथा दुर्गामंत्र का हर वक्त जाप करते रहते थे। उनके अनुयायी मानते हैं कि
इनके मुंह से उस वक्त जो भी बात निकल जाती वह सत्य होती। उनको पूर्वाभास हो जाता था। यह चमत्कार देख कई लोग इनके परमभक्त बन गए। बिरला परिवार को भी उन्होंने आशीर्वाद दिया था।

Published on:
26 Oct 2023 12:17 pm
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