
नई दिल्ली। देश की जानी-मानी कंपनी टाटा स्टील अपने कर्मचारियों को एक बड़ी सुविधा देने जा रही है जिसके तहत टाटा स्टील के कर्मचारी अब एक निश्चित समय तक अपनी सर्विस देने के बाद रिटायरमेंट के पहले अपनी सर्विस अब अपने बच्चों और आश्रितों को ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके लिए कंपनी जॉब फॉर जॉब नाम की योजना ला रही है। यह सुविधा टाटा स्टील के द्वारा उन लोगों के लिए मिल रही है जो समय से पहले रिटारमेंट लेने चाहते हैं। ऐसे लोगों को पूरी जिंदगी लाभ मिल सके इसके लिए इएसएस (Early seperation scheme) स्कीम लांच कर रही है। इन दोनों स्कीम को मिलाकर इसे सुनहरे भविष्य की योजना का नाम दिया गया है।
टाटा स्टील प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को एक और बड़ी सुविधा मिलने जा रही है जिसके तहत कर्मचारियों को जनवरी से पुरी में गेस्ट हाउस की जगह होटल की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में मंगलवार को कंपनी प्रबंधन व टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री (अध्यक्ष, महामंत्री व डिप्टी प्रेसिडेंट) के बीच हुई मीटिंग में सहमति मिल गई है।
बताया जा रहा है कि 1 नवंबर, 2021 से लागू की जाने वाली ईएसएस योजना का लाभ वे सभी कर्मचारी ही ले सकेंगे, जिनकी आयु 40 वर्ष हो चुकी है। साथ ही डिपार्टमेंटल हेड यदि उन्हें रिलीज करने की अनुमति देते हैं। ईएसएस लेनेवाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति की उम्र तक बेसिक और डीए हर माह मिलता रहेगा।
जॉब फॉर जॉब के प्रावधानों में किया गया संशोधन
जॉब फॉर जॉब का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 52 वर्ष से अधिक की उम्र पार कर चुके हैं। इसके तहत वे अपनी नौकरी के बदले बेटा, बेटी और दामाद के लिए नौकरी की सिफारिश कर सकते हैं। स्कीम के प्रावधानों में संशोधन किया गया है। अब कर्मचारियों के वार्ड को पहले ट्रेनिंग दी जाएगी। एआईटीटी की परीक्षा पास करनी होगी।
ट्रेड अप्रेंटिस प्रशिक्षु का स्टाइपेंड 7 से 15 हजार हुआ
मीटिंग में वर्ष 2018 बैच के 319 ट्रेड अप्रेंटिस के स्टाइपेंड 7000 रुपए से बढ़ाकर 15000 हजार रुपए मासिक करने का निर्णय लिया गया है। कोविड के कारण वर्ष 2018 बैच के ट्रेड अप्रेंटिस का एनसीवीटी की परीक्षा स्थगित हो गई थी। कंपनी प्रबंधन व यूनियन के बीच बनी सहमति के अनुसार बढ़े हुए स्टाइपेंड का एरियर भी कर्मचारियों को 1 जुलाई, 2021 से मिलेगा।