
अधिक संख्या में आवदेन आने के कारण एक वर्ष से अटकी जिला न्यायालयों में 2309 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। अगले माह नए सिरे से भर्ती निकलने की उम्मीद है। अलग-अलग शिक्षा बोर्ड के ग्रेड पैटर्न व सीजीपीए के कारण चयन उलझा हुआ था। हाईकोर्ट प्रशासन ने भर्ती रद्द होने पर खेद जताया है, वहीं सभी आवेदकों को नई चयन प्रक्रिया में मौका देने का इरादा भी जाहिर किया है।
आवेदकों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी और उनसे कोई परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। जो नई चयन प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें परीक्षा शुल्क ऑनलाइन लौटाया जाएगा। इसलिए उलझी चयन प्रक्रिया: पिछले साल 8 फरवरी को इन पदों पर भर्ती के लिए 10 वीं कक्षा के अंकों के आधार पर चयन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके लिए भारी तादाद में आवेदन आए।
जांच में पता चला कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब प्राप्तांकों के स्थान पर अंकतालिकाओं में ग्रेड अथवा सीजीपीए का ही उल्लेख करते हैं। इससे न तो अंकों का सटीक पता चल पा रहा है और न ही ग्रेडिंग व सीजीपीए के लिए एक पैटर्न अपनाया जा रहा है। इस कारण हाईकोर्ट प्रशासन सटीक व विवाद रहित चयन सूची तैयार नहीं कर पाया।
परीक्षा के जरिए होगा चयन
अब 10वीं कक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा ली जाएगी, इसके लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजकर नियमों में संशोधन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि नियमों में संशोधन तुरन्त हो गया तो मार्च के दूसरे सप्ताह में नए सिरे से भर्ती निकालने की तैयारी है।