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VMMC recruitment – जूनियर रेजिडेंट के 114 पदों पर निकली वैकेंसी, करें आवेदन

सफदरजंग हॉस्पिटल & वीएमएमसी ने अपने विभिन्न विभागों में जूनियर रेजिडेंट (नॉन-पीजी) के 114 रिक्त पदों पर भर्ती
2 min read
Aug 08, 2018
vmmc
VMMC recruitment - जूनियर रेजिडेंट के 114 पदों पर निकली वैकेंसी, करें आवेदन

Safdarjung Hospital junior resident recruitment, सफदरजंग हॉस्पिटल & वीएमएमसी ने अपने विभिन्न विभागों में जूनियर रेजिडेंट (नॉन-पीजी) के 114 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 27 अगस्त 2018 तक या इससे पहले आवेदन कर सकते हैं। आवेदन अौर अन्य जानकारी के लिए नीचे दिए गए अधिसूचना विवरण लिंक पर क्लिक करें।

सफदरजंग हॉस्पिटल & वीएमएमसी में रिक्त पदाें का विवरणः

जूनियर रेजिडेंट- 114

जनरल - 7 पद

ओबीसी – 60 पद

एससी – 29 पद

एसटी – 18 पद

सफदरजंग हॉस्पिटल & वीएमएमसी junior Resident के रिक्त पदाें पर आवेदन करने के लिए शैक्षणिक योग्यता:

किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस एवं दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) में रजिस्टर्ड होना आवश्यक है।

सफदरजंग हॉस्पिटल & वीएमएमसी जूनियर रेजिडेंट के रिक्त पदाें पर चयन प्रक्रिया:

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन शुल्क:

जनरल/ओबीसी- 250 रुपया (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं)

आवेदन कैसे करें:

योग्य उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में भरे हुए आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ 27 अगस्त 2018, अपराहन 3 बजे तक इस पते पर भेजें- डायरी एंड डिस्पैच सेक्शन (गेट नं-2, बैंक ऑफ बड़ौदा सफदरजंग हॉस्पिटल ब्रांच के नजदीक)।

महत्वपूर्ण तिथि:

आवेदन की अंतिम तिथि- 27 अगस्त 2018, अपराहन 3 बजे तक

सफदरजंग हॉस्पिटल & वीएमएमसी ने अपने विभिन्न विभागों में जूनियर रेजिडेंट (नॉन-पीजी) के 114 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिककरें।

सफदरजंग अस्पताल का परिचयः

सफदरजंग अस्पताल 1,840 बिस्तर वाला बहु-विशिष्ट अस्पताल है, जो भारत के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है। यह ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के ठीक विपरीत, रिंग रोड पर नई दिल्ली में स्थित है। 1956 में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की स्थापना तक, सफदरजंग अस्पताल दक्षिण दिल्ली में एकमात्र तृतीयक देखभाल अस्पताल था। 1962 में, यह दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर छात्रों के प्रशिक्षण और शिक्षण का केंद्र बन गया। 1973 से 1990 तक, अस्पताल और उसके संकाय यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज से जुड़े थे। लेकिन 1998 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ, कॉलेज और अस्पताल बाद में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज से जुड़े थे।

Published on:
08 Aug 2018 04:29 pm