
नई दिल्ली. कोरोना से बदहाल हुई भारतीय अर्थव्यवस्था अब अच्छे दिनों की ओर लौट रही है। वी-शेप रिकवरी की ओर बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, वहीं वेतनभोगियों के लिए भी अच्छी खबर है। भारतीय कंपनियां इस वर्ष कर्मचारियों को सैलरी बढ़ाने की पेशकश करेंगी। भारत में वर्ष 2021 के दौरान वेतन में 6.4 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है। ग्लोबल कंसलटिंग और एडवाइजरी फर्म विलिस टॉवर्स वाटसन के एक सर्वे के मुताबिक 2021 में औसत वेतन बढ़ोतरी 6.4 प्रतिशत होने का अनुमान है। यह बढ़ोतरी औसत वर्ष 2020 की औसत बढ़ोतरी 5.9 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा है। हालांकि सबसे बेहतर क्षमता का प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को 20.6 प्रतिशत तक की वेतनवृद्धि मिल सकती है। सर्वे के अनुसार कोविड-19 संकट के बाद अब भारत में कारोबारी आशावाद दिखाई दे रहा है, हालांकि वेतन बढ़ोतरी पर इसका पूरा असर होने अभी बाकी है।
ऊर्जा क्षेत्र में सबसे कम बढ़ोतरी-
सर्वे में कहा गया है कि हाइ-टेक, फार्मास्यूटिकल्स और कनज्यूमर प्रोडक्ट और रिटेल प्रोजेक्ट लगभग 8 फीसदी की औसत वेतन वृद्धि कर सकते हैं, जो सामान्य बढ़ोतरी से ज्यादा है। वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्र में 7 फीसदी व बीपीओ सेक्टर में 6 प्रतिशत बढ़ातरी की उम्मीद है। ऊर्जा क्षेत्र में 4.6 फीसदी की सबसे कम बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कम बजट, उच्च कुशलता है पैमाना-
सर्वे के मुताबिक भारतीय कंपनियां पिछले साल की तुलना में कम बजट के साथ उच्च कुशल प्रतिभाओं को बनाए रखने को प्राथमिकता देंगी और प्रदर्शन के आधार पर भुगतान पर अधिक जोर दिया जा सकता है। रिपोर्ट में बताया कि हाइ-टेक और कनज्यूमर प्रोडक्ट फम्र्स की ओर से ज्यादा सैलरी हाइक की उम्मीद है। हालांकि, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग ही होगा। उधर ऊर्जा क्षेत्रों में सबसे कम बढ़ोतरी की पेशकश करने का अनुमान है।
माइक्रोसॉफ्ट, सात गुना हुई कंपनी
2000 - 18 लाख करोड़
2021 - 132 लाख करोड़
गूगल, तीन गुनी हुई कंपनी
2015 - 34 लाख करोड़
2021- 103 लाख करोड़
एपल, पांच गुना हुई कंपनी
2011 - 29 लाख करोड़
2020 - 150 लाख करोड़