
जोधपुर। केरल के एर्नाकुलम में चार दिन से बाढ़ में फंसे राजस्थान के 15 युवकों को शनिवार को रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्कयू करने के महज 5 घंटे बाद डैम से पानी छोडऩे के बाद वहां पानी का स्तर और बढ़ गया। राहत शिविर में ठहरे युवकों को हवाई मार्ग से राजस्थान लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जोधपुर के निंबा निंबड़ी में रहने वाले राजू सिंह ने बताया कि उसके सहित राजस्थान के 15 युवक एरनाकुलम में शहनवाज की चटाई बनाने की फैक्ट्री में काम करते हैं। फैक्ट्री मालिक शहनवाज उनके घर से आधा किलोमीटर दूर परिवार के साथ रहते है। शनिवार को पानी का स्तर कम होने पर शहनवाज स्थानीय लोगों की मदद से एक ट्रक लेकर आए। उन्होंने पहले हमें, फिर अपने परिवार को निकाला। रेस्क्यू के बाद डैम से पानी छोडऩे के बाद फिर से आई बाढ़ में शहनवाज का घर डूब गया।
लोगों ने बचने के लिए घास-फूस से नाव बनाई
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल खाना और पानी की व्यवस्था करने में आ रही हैं। रेस्क्यू टीमें हर जगह नहीं पहुंच पाने के कारण लोगों ने प्लास्टिक के कैरीबेग में घास-फूस डालकर छोटी नावें बनाई हैंं। जुगाड़ से बनी नाव से ही खाने और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
जोधपुर की सेना ने दो दिन में 286 लोगों को बचाया
जोधपुर की कोणार्क कॉप्र्स की पांच टास्क फोर्स ने शुक्रवार से केरल बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही हैं। कर्नल सेम्बित घोष ने बताया कि टास्क फोर्स ने दो दिन में तीन गर्भवती महिलाओं समैत 286 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया।