Vraj Spy Malwar लेट्स चैट, प्रीवी टॉक, मीट मी, क्विक चैट, चिट चैट और रफाकात नामक 6 चैटिंग एप्लीकेशन ऐप यूजर्स का डाटा चुरा रहे हैं। सभी छह ऐप यूजर्स की कॉल रिकॉर्डिंग करने के साथ गैलेरी एक्सेस कर रहे हैं, जिससे यूजर्स का महत्वपूर्ण डाटा हैकर्स के पास जा रहा है।
Vraj Spy Malwar लेट्स चैट, प्रीवी टॉक, मीट मी, क्विक चैट, चिट चैट और रफाकात नामक 6 चैटिंग एप्लीकेशन ऐप यूजर्स का डाटा चुरा रहे हैं। सभी छह ऐप यूजर्स की कॉल रिकॉर्डिंग करने के साथ गैलेरी एक्सेस कर रहे हैं, जिससे यूजर्स का महत्वपूर्ण डाटा हैकर्स के पास जा रहा है। जानकारी मिलने पर गूगल ने एक सप्ताह पहले सभी छह ऐप को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है, लेकिन ये सभी चैटिंग ऐप अभी भी लोगों के मोबाइल फोन के अलावा अन्य ऐप स्टोर पर भी उपलब्ध है। इससे यूजर्स की सूचनाएं चोरी होने का खतरा बना हुआ है।
खतरनाक है व्रज स्पाई मेलवेयर
इंटरनेट सिक्योरिटी कम्पनी ईएसईटी ने हाल ही में गूगल को 12 मेलेसिशयस ऐप की जानकारी दी थी। इन ऐप में व्रज स्पाई नामक मेलवेयर है, जो यूजर्स की सूचनाएं चुरा रहा है। यूजर्स का कॉल रिकॉर्ड करने के साथ गैलेरी में जाकर फोटो, वीडियो और अन्य स्क्रीन शॉट पढ़ रहा है। दरअसल गूगल प्ले स्टोर पर कई सारे ऐप मौजूद हैं। ऐप अपने आपको मोडिफाई भी करते हैं, लेकिन गूगल इन ऐप के मोडिफिकेशन के संबंध में अपनी पॉलिसी के अनुरूप जांच नहीं करता। यही कारण है कि कई ऐप मेलवेयर और रेनसमवेयर से संक्रमित हो जाते हैं। गूगल तब कार्रवाई करता है, जब शिकायत उसके पास जाती है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
थर्ड पार्टी ऐप से बचें यूजर्स
एक्सपर्ट का कहना है कि लोगों को अभी भी सावधान रहना होगा। उन्हें अपने एंड्रॉइड फोन पर साइडलोड (थर्ड पार्टी ऐप) डाउनलोड करने से बचना होगा। अधिकांश मेलवेयर थर्ड पार्टी ऐप के जरिए ही मोबाइल में आते हैं।