जोधपुर

खाद्य जिंसों को नहीं मिल रही पहचान

संभाग स्तरीय एगमार्क चिन्ह देने वाली प्रयोगशाला बंदनिजी प्रयोगशालाओं को मिल रहा बढ़ावा
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Sep 02, 2018
agri agmark lab
खाद्य जिंसों को नहीं मिल रही पहचान

जोधपुर।
केन्द सरकार की अधीनस्थ वालिंटियरी स्कीम के तहत खाद्य जिंसों की शुद्धता व गुणवत्ता की जांच के लिए एगमार्क प्रयोगशालाएं स्थापित की गई। जोधपुर में संभाग स्तर पर विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी प्रांगण में एगमार्क प्रयोगशाला स्थापित की गई, जहा खाद्य जिंसों (मसालें, आटा तथा घी) आदि की सेम्पल की जांच की जाती है, जिनकी शुद्धता व उच्च गुणवत्ता के आधार पर एगमार्क चिन्ह दिया जाता है। एगमार्क चिन्ह देने वाली प्रयोगशाला पिछले लंबे समय से बंद पड़ी है। संभाग स्तर पर चलने वाली प्रयोगशाला के बंद होने से शहर की निजी एगमार्क प्रयोगशालाओं को बढ़ावा मिल रहा है। राजस्थान में कुल ७ एगमार्क प्रयोगशालाएं है। जो जोधपुर के अलावा जयपुर, बीकानेर, गंगानगर, भिवाई, भरतपुर व अलवर में स्थापित की गई है। जोधपुर स्थित प्रयोगशाला के अंतर्गत जोधपुर सहित पाली, नागोर, सिरोही, जैसलमेर व बाड़मेर क्षेत्र आता है।

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स्टाफ नहीं, अव्यवस्थित प्रयोगशाला
व्यापारियों के अनुसार, जीरा मंडी प्रांगण में चल रही प्रयोगशाला के हाल यह है कि स्टाफ की कमी की वजह से प्रयोगशाला अक्सर बंद ही रहती है। प्रयोगशाला में उपकरण अस्त-व्यस्त पड़े है। प्रयोगशाला में मोफेल फरनेस, आेवन, हॉट प्लेट्स आदि का उपयोग न के बराबर हुआ है। केमिकल को सुरक्षित रखने के लिए एसी, ऑटोमेटिक मशीनें नहीं है। प्रयोगशाला में सेम्पल की जांच के लिए एक केमिस्ट व एक सहायक केमिस्ट के स्वीकृत पद है। करीब तीन वर्ष पूर्व केमिस्ट सेवानिवृत हो चुके है तथा प्रयोगशाला का पूरा कार्यभार केवल सहायक केमिस्ट पर है। उनके पास भी अन्य स्थानों का चार्ज होने की वजह से पूरा समय नहीं दे पा रहे है।
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नाममात्र शुल्क में जांच
प्रयोगशाला में सेम्पल की जांच के लिए नाममात्र का शुल्क लिया जाता है। मसालों पर २५ रुपए प्रति क्विंटल तथा आटे के लिए ५ रुपए प्रति क्विंटल लिए जाते है। घी के सेम्पल की जांच सरस डेयरी पर की जाती है। निजी प्रयोगशालाओं में ज्यादा शुल्क लिया जाता है तथा उनकी जांच भी संदेहास्पद होती है।
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इनका कहना है
एेसी बात नहीं है। जिंसों के सेम्पल की जांच हो रही है। केमिस्ट के पास बीकानेर आदि का भी चार्ज है। फिर भी, उपलब्ध संसाधनों से बेहतर कार्य करने का प्रयास है।
जब्बरसिंह, संयुक्त निदेशक
कृषि विपणन विभाग

Published on:
02 Sept 2018 07:06 pm