2 साल में 184 में केवल 4 भर्ती हुई
जोधपुर. देश में कोविड का सर्वाधिक असर भारतीय सेना की भर्ती पर पड़ा है। कांस्टेबल से लेकर आईएएस तक भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई लेकिन बीते दो साल में सेना भर्ती लगभग बंद है। दो साल में 184 सेना भर्ती रैलियों के जरिए करीब 90 हजार से अधिक सैनिकों की भर्ती की जानी थी लेकिन इसमें से केवल 4 भर्ती ही अंतिम तौर पर हो पाई। वर्ष 2020 में 97 भर्ती रैली में से 47 रैली हुई लेकिन परीक्षा केवल चार की ही हुई।
वर्ष 2021 में 87 रैलियों में से केवल चार हुई लेकिन परीक्षा एक में भी नहीं हुई। राजस्थान में बीते साल तीन सेना भर्ती रैली हुई। इसमें 33 में से 25 जिले शामिल हुए और करीब 25 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के लिए उत्तीर्ण हो गए लेकिन लिखित परीक्षा की कई बार तिथि घोषित करने के बावजूद अब तक नहीं हुई। राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार जैसे राज्यों के युवाओं को सेना भर्ती का इंतजार है। पिछले महीने 5 अप्रेल को राजस्थान सहित अन्य राज्यों के युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करके सेना भर्ती खोलने की मांग की थी लेकिन अभी तक सरकार का रुख स्पष्ट नहीं हुआ है।
97 हजार पद खाली
भारतीय सेना में कुल 12 लाख 29 हजार 559 सैनिकों के पद है, जिसमें से वर्तमान में 97 हजार 177 पद खाली है। रैली के साथ लिखित परीक्षाएं होती है तो ये त्वरित गति से भर जाएंगे।
राजस्थान में तीन रैलियां, परीक्षा का इंतजार
1 उदयपुर में 11 जिलों नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, पाली, जैसलमेर, उदयपुर, जालौर, सिरोही, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर जिलों के अभ्यर्थियों की सेना भर्ती रैली का आयोजन 8 से 28 फरवरी को किया गया।
2 अलवर में 20 अप्रैल से शुरू हुई सेना भर्ती रैली में अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर और दौसा जिले के अभ्यर्थी शामिल हुए।
3 अजमेर में 11 जुलाई से 7 अगस्त तक हुई सेना भर्ती रैली में अजमेर, बारां, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़, कोटा और राजसमंद के अभ्यर्थी शामिल हुए।
1.80 लाख में से 30 हजार
अलवर केराजस्थान में बीते साल हुई तीन सेना भर्ती रैलियाें में 1.80 लाख अभ्यथीZ शामिल हुए। इसमें से सर्वाधिक अभ्यथीर् अलवर जिले के थे। अलवर से 30 हजार रैली में दौड़े। वागड़ क्षेत्र से अभ्यर्थियों ने सबसे कम रुचि दिखाई।
सेना में कब-कितनी हुई भर्ती
साल ----- भर्ती
2013-14 -----54186
2014-15 -----31911
2015-16 -----67954
2016-17 -----71804
2017-18 -----52447
2018-19 -----50,026
2019- 20 -----80572