
छात्र आर्यन सिंघवी, शिविका जोहर और तुषार लखेरा। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने बुधवार को कक्षा 10वीं सेशन-1 का परिणाम जारी कर दिया। रिजल्ट जारी होते ही शहर के स्कूलों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस बार बोर्ड की ओर से लागू किए गए नए ‘टू बोर्ड एग्जाम सिस्टम’ के तहत छात्र-छात्राओं को दो अवसर दिए जा रहे हैं।
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सीबीएसई के नियमों के अनुसार विद्यार्थियों को पास होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। पहला (अनिवार्य) बोर्ड एग्जाम 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक आयोजित हुआ था, जबकि दूसरा (ऑप्शनल) एग्जाम 15 मई से 1 जून 2026 तक होगा। सीबीएसई के इस नए सिस्टम में सेशन-2 परीक्षा विद्यार्थियों के लिए स्कोर सुधारने का मौका भी होगी। ऐसे में अब छात्रों का फोकस मई में होने वाली दूसरी परीक्षा पर है।
रोजाना 2 से 3 घंटे नियमित पढ़ाई
डीपीएस पाल के छात्र आर्यन सिंघवी ने 99.60 प्रतिशत अंक हासिल कर जोधपुर शहर का नाम रोशन किया। बातचीत में आर्यन ने बताया कि रोजाना 2 से 3 घंटे नियमित पढ़ाई की और परीक्षा के समय इसे 6-7 घंटे तक बढ़ाया। पढ़ाई के साथ एक घंटे खेलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा, जिससे तनाव कम हुआ।
आर्यन ने आगे कहा कि वे भविष्य में कॉमर्स स्ट्रीम चुनकर इसी क्षेत्र में बेहतर करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में उपलब्ध नहीं होने वाले गणित के कुछ कोर्स वे अपनी बहन की मदद से घर पर ही सीख रहे हैं, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।
पढ़ाई के साथ ध्यान और योग
बीआर बिड़ला स्कूल के तुषार लखेरा ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। तुषार ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित मेहनत और परिवार के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 6 घंटे पढ़ाई करता था। उनके बड़े भाई आइआइटी बॉम्बे में पढ़ रहे हैं, जिन्होंने उनकी पढ़ाई में काफी मदद की। जब भी दबाव महसूस होता था, वे आंखें बंद कर ध्यान और योग करते थे, इससे काफी राहत मिलती थी। तुषार ने बताया कि वे आगे साइंस स्ट्रीम लेकर 12वीं की तैयारी मजबूत करना चाहते हैं, ताकि भविष्य में कुछ बड़ा हासिल कर सकें।
डॉक्टर बनने की चाह
एसपीएस की शिविका जोहर ने दसवीं में 98.80 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। शिविका बताती हैं कि पिछले दो-तीन सालों के पुराने पेपर हल किए। उन्होंने रोजाना आठ से नौ घंटे की पढ़ाई की है। उनका डॉक्टर बनने का सपना है, इसलिए अब साइंस बॉयोलॉजी लेकर आगे की पढ़ाई करनी है। परीक्षा के दौरान परेशानी आने पर उन्हें अपने पिता से मदद मिलती थी, जो कहीं न कहीं सही और कारगर साबित हुई।
Published on:
15 Apr 2026 09:33 pm
