
डॉ किरोड़ी लाल मीणा (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)
जोधपुर। राजस्थान में किसानों को नकली और अमानक बीजों से बचाने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बड़ा अभियान शुरू किया है। कृषि विभाग ने उनके निर्देश पर जोधपुर संभाग के चार जिलों में एक साथ विशेष निरीक्षण अभियान चलाते हुए संदिग्ध मूंगफली बीज के बड़े कारोबार पर कार्रवाई की है। जांच के दौरान 27,178 बैग संदिग्ध मूंगफली बीज की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई, जबकि 32 अलग-अलग लॉट के नमूने जांच के लिए जब्त किए गए हैं।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जोधपुर में की गई औचक कार्रवाई के दौरान रीको मण्डोर स्थित एक वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में मूंगफली बीज का भंडारण मिला। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि बीज का भंडारण गुजरात की एग्री जेनेटिक प्राइवेट लिमिटेड और गणेश एग्री जेनेटिक नामक कंपनियों द्वारा किया गया था।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण और प्रमाणीकरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, लेकिन संबंधित पक्ष मौके पर आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सके। दस्तावेजों की अनुपलब्धता और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाया गया।
इसके बाद कृषि मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक लॉट का अलग-अलग नमूना लेने और जांच पूरी होने तक बीज की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। विभागीय टीमों ने देर रात तक कार्रवाई करते हुए 32 नमूने एकत्र किए और 27 हजार से अधिक बैगों की बिक्री पर रोक लगा दी।
इस अभियान के तहत जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में एक साथ व्यापक निरीक्षण किया गया। कृषि विभाग की टीमों ने कुल 68 बीज विक्रेताओं और कृषि आदान प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस, विक्रय रिकॉर्ड, प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। कई स्थानों पर संदिग्ध बीजों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
निरीक्षण के दौरान बोरानाड़ा स्थित बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज की भी जांच की गई। यहां बड़ी मात्रा में मूंगफली पॉड्स और पैकिंग सामग्री मिली, लेकिन विस्तृत जांच में यह सामने आया कि सामग्री का बीज उत्पादन या विक्रय से सीधा संबंध नहीं है। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर संबंधित सामग्री को मुक्त कर दिया गया।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन या नकली बीज कारोबार की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
Published on:
31 May 2026 08:28 pm
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