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घर में भाई-बहन की शादी की चल रही थी तैयारी, तभी पहुंच गई पुलिस, आधार कार्ड से हुआ बड़ा खुलासा

Child Marriage Case: डूंगरपुर जिले में प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर पहुंची टीम ने दस्तावेज जांचकर नाबालिग भाई-बहन की शादी रुकवाई।

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परिवार संग समझाइश करती टीम। फोटो- पत्रिका

डूंगरपुर। जिले की भंडारी उप तहसील के नयागांव गोबर में बुधवार को प्रशासन और पुलिस की टीम ने बाल विवाह रुकवाया। यहां घर के आंगन में भाई-बहन की शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं और दोनों को हल्दी की पीठी भी चढ़ चुकी थी। इसी बीच चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से मिली सूचना पर पहुंची टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए परिजनों को बाल विवाह नहीं कराने के लिए पाबंद किया।

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मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार परिवार में शादी को लेकर उत्सव जैसा माहौल था और तैयारियां अंतिम चरण में थीं। परिजन रिश्तेदारों के साथ विवाह की रस्मों में जुटे हुए थे। इसी दौरान प्रशासनिक टीम ने समय रहते हस्तक्षेप कर बाल विवाह को रुकवा दिया।

आधार कार्ड ने खोली पोल

एसडीओ विवेक गुर्जर और तहसीलदार अशोक कुमार शाह के निर्देशन में जब टीम संबंधित घर पहुंची, तो वहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। टीम ने दोनों बच्चों को बुलाकर उनके दस्तावेजों की जांच की, जिसमें वास्तविकता सामने आ गई। आधार कार्ड के अनुसार बालक की उम्र महज 15 वर्ष और बालिका की उम्र केवल 14 वर्ष पाई गई।

परिजनों ने इनकी शादी 18 और 21 अप्रेल को तय कर रखी थी। प्रशासनिक टीम ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मौके पर ही कार्रवाई की और विवाह को रुकवाया। इसके बाद वार्ड पंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में परिवार की काउंसलिंग की गई। परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इससे बच्चों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

परिवार को पाबंद किया

पटवारी कांतिलाल रोत ने मौके का पंचनामा तैयार किया और परिवार को पाबंद किया गया कि वे अपनी संतान की निर्धारित आयु पूरी होने से पहले विवाह नहीं करेंगे। बालिका के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूक रहें और ऐसी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। इस अवसर पर टीम में एएसआई छतरसिंह, कांस्टेबल गणेशलाल, ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र मीणा, चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर कमलेश जैन, अनीता भील और रेखा वाघेला सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।