
एआई तस्वीर
जोधपुर। राजीव गांधी लिफ्ट केनाल परियोजना के तीसरे चरण का अहम हिस्सा रिजरवायर (जल संचय डिग्गियां) इस मानसून में शुरू कर दिया जाएगा। आईजीएनपी के अधिकारियों का दावा है कि यदि नहरबंदी के तुरंत बाद बढ़ी हुई क्षमता से पानी पंजाब से मिलता है, तो इसमें पानी भरने का काम शुरू किया जा सकता है। यह रिजरवायर इतना बड़ा है कि इसमें सात कायलाना-तखतसागर जितना पानी समा सकता है।
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करीब 350 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह रिजरवायर क्षेत्र का सबसे बड़ा जलाशय होगा। इसकी भंडारण क्षमता 2433 एमसीएफटी है, जो इसे मौजूदा जल स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक सक्षम बनाती है। 118 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस रिजरवायर की परिधि लगभग 38 किलोमीटर है और इसमें तीन पॉड बनाए गए हैं, जिससे जल प्रबंधन और वितरण अधिक प्रभावी हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार मानसून के बाद नहरबंदी के पश्चात यदि पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होता है, तो इस रिजरवायर को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अगले साल नहरबंदी के दौरान क्लोजर की जरूरत नहीं पड़ेगी, जो हर साल गर्मियों में जलापूर्ति बाधित होने की बड़ी समस्या रही है। इससे न केवल शहरी जलापूर्ति स्थिर होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी नियमित पानी मिल सकेगा।
राजीव गांधी लिफ्ट केनाल का तीसरा चरण पश्चिमी राजस्थान के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। इस परियोजना के तहत हिमालयी जल को लाकर जोधपुर, बाड़मेर, पाली, फलोदी और ब्यावर जिलों के करीब 76 लाख लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 200 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन भी बिछाई जा रही है।
यह पानी आमजन के साथ ही उद्योगों के लिए भी आरक्षित रहेगा। जोधपुर-पाली औद्योगिक क्षेत्र में तीसरे चरण के तहत ही पानी की आपूर्ति होगी। इससे करीब 40 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। रक्षा जरूरतों के लिए भी जल आपूर्ति इसी परियोजना से होगी।
इस प्रोजेक्ट को पूरा कर नहरबंदी के बाद ही हम इसे भरने की स्थिति में होंगे। आगामी तीन-चार माह में हम इसका काम पूरा कर पीएचईडी को सौंप सकते हैं। यह सबसे बड़ा रिजरवायर होगा, जिससे 2 हजार गांवों तक तीसरे चरण का पानी पहुंचाया जा सकेगा।
Updated on:
15 Apr 2026 05:49 pm
Published on:
15 Apr 2026 05:47 pm
