- चालान बनाने पर विवाद के बाद बालेसर में बवाल प्रकरण : फल-सब्जी वालों ने दोपहर तक बंद रखी दुकानें, पुलिस की तरफ से एफआइआर दर्ज
जोधपुर/बालेसर.
बालेसर कस्बे में काले शीशे वाली कैम्पर का चालान बनाने को लेकर उपजे विवाद के बाद गुरुवार को दिनभर तनावपूर्ण शांति रही। पुलिस व आरएसी का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा। बालेसर थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर नगर पालिका चेयरमैन सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। 25 वाहन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्ष्क (ग्रामीण) धर्मेन्द्रसिंह ने बताया कि प्रकरण में बालेसर थानाधिकारी नरपतदान चारण की ओर से नगर पालिका चेयरमैन रेंवतराम सांखला व 17 अन्य को नामजद कर दो सौ से तीन सौ अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें राजकार्य में बाधा डालने, हाई-वे जाम करना, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी जोड़ी गईं हैं। शेरगढ़ थानाधिकारी को जांच सौंपी गई है।
बवाल के बाद नौ जनों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पाबंद कर जमानत पर छोड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों को दुबारा हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद इन्हें पुलिस की तरफ से दर्ज एफआइआर में गिरफ्तार कर लिया गया। बवाल के दौरान 25 दुपहिया वाहन जब्त किए गए।
बालेसर नगर पालिका चेयरमैन रेंवतराम पुत्र चुन्नीलाल सांखला, पुखराज पुत्र उगमाराम प्रजापत, महेन्द्र पुत्र राणाराम, रमेश पुत्र मोहनराम, चेतराम पुत्र नरसिंगाराम,, सिकन्दर पुत्र मनू खां, युवराज पुत्र करनाराम, सावराराम पुत्र मोहनराम, सन्तोष पुत्र शिवराम सांखला को गिरफ्तार किया गया है। रेंवतराम की एसयूवी सहित 25 वाहन जब्त किए गए हैं।
गौरतलब है कि बुधवार रात कैम्पर का चालान बनाने को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने करनाराम व देवेन्द्र को हिरासत में ले लिया था। ग्रामीण विरोध में उतर आए थे। उन्होंने हाइवे जाम कर दिया था। समझाइश के बाद हाइवे खोल दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर लिया था। वे हिरासत में लिए युवकों को छोड़ने और पुलिस के माफी मांगने पर अड़ गए थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने चार-पांच राउण्ड आंसू गैस छोड़ी थी। साथ ही डण्डे फटकार कर सभी को खदेड़ दिया था। पथराव में थानाधिकारी नरपतदान, एएसआइ रूघाराम, हेड कांस्टेबल श्रवण, कंवरसिंह, कांस्टेबल इन्द्राराम, गणेशाराम सहित नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
सब्जी-फल विक्रेताओं ने गुरुवार को दुकानें बंद रखकर पुलिस कार्रवाई के प्रति विरोध जताया। हालांकि अन्य दुकानें व बाजार खुले रहे। दोपहर बाद सब्जी व फल की दुकानें खुल गईं।