राजस्थान हाईकोर्ट ने बाड़मेर जिले की ग्राम पंचायत बाड़मेर मगरा को नगर परिषद सीमा में शामिल करने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार के आदेश के प्रभाव व क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने बाड़मेर जिले की ग्राम पंचायत बाड़मेर मगरा को नगर परिषद सीमा में शामिल करने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार के आदेश के प्रभाव व क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।
न्यायाधीश विजय बिश्नोई तथा न्यायाधीश योगेन्द्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ में ग्राम पंचायत बाड़मेर मगरा के सरपंच जोगेंद्र कुमार की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत बाड़मेर मगरा का गठन वर्ष 2019 में हुआ था। कुछ समय पूर्व नगर परिषद बाड़मेर के आयुक्त ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 101 के तहत नोटिस जारी कर ग्राम पंचायत को नगरीय क्षेत्र को शामिल करने पर आपत्तियां आमंत्रित की। आपत्तियां प्राप्त होने के बाद आयुक्त ने ग्राम पंचायत बाड़मेर मगरा के क्षेत्र को नगर परिषद बाड़मेर के क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे जिला कलक्टर ने राज्य सरकार को भेजा। राज्य सरकार ने 21 मार्च, 2023 को एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें नगर परिषद की सीमा में ग्राम पंचायत बाड़मेर मगरा को शामिल किया गया। याचिका में कहा गया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 101 के तहत प्रदान की गई अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसका पालन किए बिना ग्राम पंचायत के क्षेत्र को नगर परिषद में शामिल नहीं किया जा सकता है।