
जोधपुर। देश के सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। वेतनमान समझौते को लागू करने के लिए बैंककर्मियों की यह दो दिवसीय हड़ताल बुधवार यानी आज से शुरू हो गई है। इसके तहत 30 और 31 मई को देश भर में 10 लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के दौरान सरकारी के साथ निजी बैंक भी बंद रहेंगे। साथ ही एटीएम सेवा भी बंद रहेगी। अगर आपने बैंक के जरुरी काम 30 और 31 तारीख से पहले नहीं निपटाएं है तो बैंकों की हड़ताल के चलते २ दिन बैंकों के काम प्रभावित होगें और आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि राजस्थान सहित पूरे देश भर में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) ने बैंक कर्मचारियों के वेतन में महज दो फीसदी की 'मामूली' बढ़ोतरी के खिलाफ 30 मई और 31 मई को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल बुलाई है। इससे पहले आईबीए ने वेतन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
प्रोविन्सियल बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के सचिव संजय तिवारी ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर राजस्थान सहित देश के 10 लाख बैंक कर्मचारी व अधिकारी 30 और 31 मई को हड़ताल पर रहेंगे। एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बडौदा, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, यूको बैंक सहित पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर के सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले हड़ताल पर रहेंगे। बैंक अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण में भेदभाव पैदा करने की नीति अपनाई गई है। यह अपमानजनक है। हमारे पास हड़ताल के अलावा कोई चारा नहीं है। हड़ताल से पहले 29 मई को प्रदर्शन के साथ ही रैली भी निकाली गई।
यूनाइटेड फोरम के संयोजक एलएन जालानी ने बताया, कि केके बंग, मानसिंह कच्छवाह, आरपी शर्मा, मीठालाल परिहार, पीके व्यास, रमाकांत शर्मा, महेश व्यास प्रदर्शनकारियों को संबोधित करेंगे। प्रदर्शन में कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और महिलाएं भाग लेंगी। जालानी ने बताया, कि पांच साल में एक बार संपन्न होने वाले द्विपक्षीय विधि संगत समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। यह भी बताया गया है कि अगर दो दिवसीय हड़ताल के बाद भी बैंक प्रबंधन सम्मानजनक समझौता नहीं करता है तो बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे।