
Railway Decision : यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भगत की कोठी-जम्मूतवी-भगत की कोठी एक्सप्रेस प्रतिदिन शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव स्वीकृत किया है। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, ट्रेन संख्या 14803 भगत की कोठी-जम्मूतवी एक्सप्रेस 28 अगस्त से शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ स्टेशन पर ठहरेगी। ट्रेन के स्टेशन पर सुबह 4.40 बजे पहुंचने और 4.42 बजे रवाना होने का समय निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 14804 जम्मूतवी-भगत की कोठी एक्सप्रेस का उक्त स्टेशन पर ठहराव 23 अगस्त से शुरू हो चुका है। यह ट्रेन शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ स्टेशन पर सुबह 10.01 बजे पहुंचेगी और 10.03 बजे रवाना होगी।
जैसलमेर. रामदेवरा मेले के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्णय किया है। यात्री मांग के अनुरूप चार जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का चरणबद्ध संचालन होगा। इनमें भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच तीन जोड़ी तथा श्रीगंगानगर-पोकरण के बीच एक जोड़ी ट्रेन शामिल है।
उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर मंडल के सीनियर डीमुख्यमंत्री हितेश यादव ने बताया कि रामदेवरा के लिए पहली ट्रेन 28 अगस्त से प्रारंभ होगी। ट्रेन संख्या 04861/04862 भगत की कोठी-रामदेवरा मेला स्पेशल 28 अगस्त से 25 सितंबर तक कुल 29 ट्रिप चलेगी। ट्रेन भगत की कोठी से सुबह 9.10 बजे रवाना होकर दोपहर 1 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में रामदेवरा से दोपहर 2 बजे रवाना होकर शाम 5.30 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। इसमें 12 साधारण श्रेणी और दो गार्ड डिब्बों सहित 14 कोच होंगे, सभी अनारक्षित।
यात्री मांग बढ़ने के साथ 11 सितंबर से दो और जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी। 04863/04864 सुबह तथा 04865/04866 शाम-रात्रि सेवा के रूप में 25 सितंबर तक 15-15 ट्रिप चलेंगी। इन ट्रेनों का ठहराव जोधपुर, राईका बाग, महामंदिर, मंडोर, मारवाड़ मथानिया, तिवरी, ओसियां, मारवाड़ लोहावट और फलोदी सहित प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा।
12 सितंबर से श्रीगंगानगर-पोकरण स्पेशल (04741/04742) भी शुरू होगी, जो 26 सितंबर तक कुल 15 ट्रिप चलेगी। यह ट्रेन श्रीगंगानगर से सुबह 10.15 बजे रवाना होकर शाम 7.50 बजे पोकरण पहुंचेगी। वापसी में पोकरण से रात 8.45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 7.50 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेगी। इस ट्रेन में 15 साधारण श्रेणी और दो गार्ड डिब्बों सहित 17 कोच होंगे। रेलवे की यह व्यवस्था मेले में श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा विकल्प देगी और नियमित ट्रेनों पर यात्री दबाव को संतुलित करने में सहायक होगी।