लोहावट प्रधान से पिछले ढाई सालों से चल रही खींचतान के चलते यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे किसी सुरक्षित सीट को तलाश रहे हैं।
जोधपुर. लोहावट विधानसभा क्षेत्र 2008 में परिसीमन के बाद सृजित हुआ था। तब से अब तक हुए दो चुनावों में यहां से गजेन्द्रसिंह खींवसर ही चुनाव जीते हैं। भाजपा ने उन्हें तीसरी बार फिर दोहराया है। लोहावट प्रधान से पिछले ढाई सालों से चल रही खींचतान के चलते यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे किसी सुरक्षित सीट को तलाश रहे हैं। भाजपा की सूची में फिर से उनके नाम की घोषणा के बाद इन कयासों पर विराम लग गया। इस बार उनके सामने प्रधान को साथ लेकर चलने की चुनौती है।
- सीट-सामान्य
- उम्र-61
- पेशा-होटल, पर्यटन व्यवसायी
- राजनीतिक अनुभव-लगातार दो बार लोहावट से विधायक। इससे पहले 2003 में नागौर से विधायक रहे। 1998 में नागौर से चुनाव हारे।
- प्रदेश में राजनीतिक आका-वसुंधरा राजे
समर्थकों में खुशी
खींवसर के समर्थकों के अनुसार वे पहले से ही आश्वस्त थे कि टिकट उन्हें ही मिलेगा। टिकट मिलने की खुशी जाहिर करते हुए समर्थकों ने आतिशबाजी कर एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर नारेबाजी की। देर रात तक चले इस क्रम के बाद चुनावी मैदान में सक्रिय होने की बात कही।