जोधपुर

Rajasthan Roadways: यात्रीगण कृपया ध्यान दें… रोडवेज बस स्टैण्ड पर बुकिंग और रिजर्वेशन काउंटर बंद

Jodhpur News: बसों के बारे में जानकारी देने वाला कोई नहीं मिलेगा। सिर्फ चालक और परिचालक से जानकारी ले सकेंगे। बस के समय पर आने-जाने या समय से पहले रवाना होने आदि के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं मिलेगी।
2 min read
Nov 19, 2024
Rajasthan Roadways

Rajasthan News: रोडवेज मुख्यालय के एक मौखिक आदेश के बाद पिछले दो दिन से जोधपुर बस स्टैण्ड पर संचालित सभी बुकिंग और रिजर्वेशन काउंटर बन्द कर दिए हैं। यहां पांच टिकट काउंटर और एक रिजर्वेशन काउंटर है। सभी बंद हैं। ऐसे में बस स्टैण्ड पर एडवांस बुकिंग नहीं हो रही।

यात्रियों को अब या तो ऑनलाइन टिकट बुक कराना पड़ रहा है या बस में ही टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ रही है। हाल यह है कि बिना किसी पूर्व सूचना के काउंटर बदं होने से बस स्टैण्ड आने वाले यात्री जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। इस संबंध में जोधपुर डिपो के मुख्य प्रबंधक मुकनसिंह को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

कंडक्टर जो टिकट दे रहा है, उसमें सीट नंबर नहीं होता

रोडवेज में टिकट काउंटर बन्द करने के बाद बसों में टिकट देने से यात्रियों को नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बस में कंडक्टर मशीन से जो टिकट दे रहे हैं, उनमें सीट नम्बर अंकित नहीं होते हैं। ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग करवाकर यात्री बस में चढ़ रहा है, तो उस सीट पर पहले बैठे व्यक्ति को सीट छोड़नी पड़ रही है। इससे यात्रियों में सीट को लेकर विवाद पैदा हो रहे हैं।

पहले आओ-पहले पाओ के चक्कर में होंगे विवाद

काउंटर बन्द होने से वहां लगने वाली कतार भले खत्म हो जाएगी, लेकिन यात्रियों के बीच सीट पर बैठने को लेकर विवाद होंगे। सीट कन्फर्म न होने से महिला, बच्चों, बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। जो बस में पहले चढ़ेगा, वह सीट पर कब्जा कर लेगा।

फर्जीवाड़े की आशंका, राजस्व को नुकसान…

सरकार को राजस्व नुकसान के साथ भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका होगी। सब कुछ बस स्टाफ के हाथ में रहेगा। बसों में टिकट कम बनाकर सीधे पैसे लेकर यात्रा करने जैसी मामले सामने आ सकते हैं।

आन्दोलन करेंगे

केन्द्रीय बस स्टैण्ड पर बुकिंग बन्द कर देने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रोडवेज को निजीकरण की ओर धकेलना चाहते हैं। बुकिंग को निजी हाथों में सौंपने का विरोध करते हैं और आवश्यकता हुई तो कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

  • घनश्याम सिंह चम्पावत, प्रदेश उपाध्यक्ष, राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन (भामसं)
Published on:
19 Nov 2024 09:15 am