
प्रतीकात्मक तस्वीर
जोधपुर। राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने गुणवत्ता जांच में चार दवाओं के सैंपल फेल होने के बाद इनके उपयोग, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। विभाग ने संबंधित बैच को बाजार से हटाने और अस्पतालों, मेडिकल स्टोर तथा स्वास्थ्य संस्थानों को इन दवाओं का उपयोग नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार पोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन यानि एंटीसेप्टिक टयूब, वेटेनरी यानि पशुओं के उपयोग में आने वाली दवा, ओफ्लॉक्सासिन एवं ऑर्निडाजोल सिरप जो कि बैक्टीरियल संक्रमण कम करने के काम आती है।
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वहीं ड्रोटावेरिन एवं मेफेनैमिक एसिड टैबलेट जो कि मासिक धर्म के दर्द में उपयोगी होती है। इन पर बैन लगाया गया है। औषधि नियंत्रण विभाग ने संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं को इन बैचों को तत्काल बाजार से वापस लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अस्पतालों और दवा विक्रेताओं से कहा गया है कि यदि संबंधित बैच का स्टॉक उपलब्ध है तो उसका उपयोग या वितरण नहीं किया जाए।
गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान में एलबेंडाजोल सिरप, एंटी ऑक्सीडेंट गोलियां, क्लोरेक्साइडिन ग्लूकोनेट सॉल्यूशन, क्लोरेक्साइडिन माउथ वॉश, हाइड्रोक्सीजिन टेबलेट, केटोकोनॉजोल टेबलेट, लेक्टिक एसिड बेसिल्स, लिक्विड पेराफिन, लोसार्टन पोटेशियम एंड एम्लोडिपाइन, मिनोक्सिडिल टॉपिकल सॉल्यूशन, ओफ्लोक्सिन ओरल सस्पेंशन, पोटेशियम क्लोराइड ओरल सस्पेंशन, प्रेडनिसोलोन आईपी, क्यूनेन सल्फेट टेबलेट, सालबूटामोल सिरप, सोरबिटाल एंड ट्रिकोलाइन सिट्रेट सिरप और थ्रेक्सीफनिडी टेबलेट पर बैन लगाया गया था।
उस दौरान अधिकारियों ने बताया था कि 19 तरह की दवाइयों की सप्लाई पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। सभी को सील कर रखने के निर्देश दिए हैं। इन दवाइयों में बीपी, पेट संबंधी बीमारियों, खांसी सहित अन्य बीमारियों में काम आने वाली दवाइयां शामिल हैं। यह कदम खांसी की साधारण बीमारी के उपचार में दी गई कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद सरकार की ओर से उठाया गया था।
Updated on:
26 Jun 2026 08:24 pm
Published on:
26 Jun 2026 08:22 pm
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