
पूर्णिमा बोहरा/जोधपुर. सरदारपुरा बी रोड पर गत सप्ताह तीन मंजिला इमारत ढही थी, उससे सटे भूखण्ड पर नगर निगम ने भू उपयोग जांच के बाद किसी भी प्रकार अनुमति जारी नहीं की थी। इसके बावजूद भूखण्ड पर बेसमेंट बनाने के लिए गड्ढा खोद दिया गया था। इमारत गिरने के मामले की जांच कर रही सरदारपुरा थाना पुलिस को निगम उपायुक्त भंवरसिंह सांदू ने लिखित में यह जानकारी दी है।
उप निरीक्षक दिनेश ने बताया कि इमारत गिरने की जांच चल रही है। आरोपी पवन वैष्णव की तरफ से अग्रिम जमानत याचिका लगाए जाने से पत्रावली कोर्ट में पेश की गई है। पुलिस ने भूखण्ड के मालिकाना हक से लेकर निर्माण अनुमति से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए निगम को पत्र लिखा था। जवाब में निगम उपायुक्त सांदू ने पुलिस को जवाब पेश किया है।
आवेदन पत्र गायब होने की एफआईआर नहीं
उपायुक्त ने सरदारपुरा थाने में लिखित शिकायत दी है कि भूखण्ड संख्या 258 पर व्यावसायिक निर्माण के लिए निगम में आवेदन किया गया था। अब तक अनुमति नहीं मिली है। यह आवेदन पत्र निगम से गायब हो गया है। इस सम्बन्ध में उप निरीक्षक का कहना है कि एक ही मामले की दो एफआईआर नहीं हो सकती है इसलिए उस शिकायत कोपहले से दर्ज एफआईआर में शामिल पत्रावली की गई है।
अग्रिम जमानत याचिका, साझेदार पैरवी करने पहुंचा
इमारत गिरने के मामले में आरोपी भाजपा नेता पवन वैष्णव ने मंगलवार को अदालत की शरण ली। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने जिला एवं सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन पेश किया। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते आवेदन पत्र पर पैरवी करने के लिए आरोपी ने अपने साझेदार को कोर्ट भेज दिया। अभियोजन पक्ष के ऐतराज जताने पर डीजे नरसिंह दास व्यास ने सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आवेदक स्वयं अथवा उसके माता-पिता व परिजन ही पैरवी कर सकते हैं। अब बुधवार को फिर से सुनवाई होगी।