
जोधपुर. देश के उत्तरी हिस्से में बर्फबारी और पंजाब-हरियाणा से आ रही मंद गति की हवाओं के कारण राजस्थान वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया है। गुरुवार को पूरे प्रदेश में धुंध (स्मोग) छाई रही। शेखावटी क्षेत्र में अत्यधिक धुंध के कारण दूर तक दिखाई देना बंद हो गया। चूरू और सीकर देश के सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र रहे। इन्होंने दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम को पीछे छोड़ दिया। चूरू और सीकर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 452 रिकॉर्ड किया गया। यहां हवा की गुणवत्ता बेहद खराब िस्थति (सीवियर) हो गई। देश में केवल सात शहरों में ही सीवियर एक्यूआई मापा गया। प्रदेश में केवल करौली में ही हवा ठीकठाक रही। वहां एक्यूआई 98 मापा गया।
9 शहरों में भयंकर प्रदूषण
शहर -------------- एक्यूआई
धौलपुर ------------ 380
गंगानगर------------ 374
टोंक ------------ 355
भरतपुर------------ 352
बीकानेर------------ 354
कोटा ------------ 322
जयपुर ------------ 354
भिवाड़ी------------ 332
हनुमानगढ़----------334
(प्रदेश के 9 शहरों का एक्यूआई 300 को पार कर गया यानी यहां आबोहवा की िस्थति गंभीर रही।)
जोधपुर सहित 16 शहरों में खराब हवा
जोधपुर सहित 16 जिलों में भी हवा का स्तर खराब रहा। यहां एक्यूआई 200 से 300 के मध्य रहा। जोधपुर में एक्यूआई 261 रहा जो तीन सौ के करीब ही था। यहां दिनभर धुंध रहने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
दक्षिणी-पश्चिमी राजस्थान में मध्य हवा
प्रदेश के दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान में हवा का स्तर मध्यम रहा। यहां 5 जिलों में एक्यूआई 100 से 200 के मध्य रहा। इसमें उदयपुर, पाली, सिरोही, जालोर, बांसवाड़ा शामिल है। गोड़वाड़ अंचल में प्रदषण कम रहा।
क्यों हो रहा वायु प्रदूषण
बीेते तीन चार दिन से हवा की दिशा उत्तरी व उत्तरी-पश्चिमी बनी हुई है। दिल्ली, पंजाब व हरियाणा के प्रदूषक प्रदेश के आसमां में आ रहे हैं हालांकि हवा की गति मंद है जिसके कारण निचले स्तरों में धूल कण, कार्बन कण, गाडियों के धुएं से निकलने वाला प्रदूषण, औद्योगिक धुआं जम गया है। गर्मियों के मौसम में हवा तेज होने से वातावरण में ऊपरी और निचले स्तरों में हवा का आदान-प्रदान होने से इतना प्रदूषण नहीं रहता है।
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अगले दो तीन दिन तक धुंध का ही मौसम रहेगा। सिस्टम आने के बाद ही मौसम साफ होगा।
राधेश्याम शर्मा, निदेशक, भारतीय मौसम विभाग जयपुर