पिछले साल ऑफलाइन मोड में परीक्षा में सफलता मिलने के बाद क्लेट कंसोर्सियम ने इस बार भी ओएमआर सीट बरकरार रखी
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. देश के 22 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) में प्रवेश के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट-2020) का आयोजन 10 मई को किया जाएगा। परीक्षा के जरिए करीब 3 हजार सीटों पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिलेगा पिछले साल की तरह इस बार भी क्लैट परीक्षा ऑफलाइन होगी। परीक्षार्थियों को ओएमआर शीट दी जाएगी। परीक्षा का रजिस्ट्रेशन 1 जनवरी से शुरू होगा।
एनएलयू रांची की ओर से इस बार क्लैट का आयोजन किया जा रहा है। हमेशा की तरह इस बार भी परीक्षा शुल्क ₹4000 रखा गया है। यह देश की सबसे महंगी प्रवेश परीक्षा है। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले बीपीएल और एससी-एसटी श्रेणी के विद्यार्थियों को 3500 प्रवेश शुल्क देना होगा। पिछले साल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रवेश शुल्क 1500 रुपए के आसपास रखने के सुझाव के बावजूद इस साल भी शुल्क घटाया नहीं गया है। क्लैट परीक्षा के जरिए परीक्षा आयोजक एनएलयू को करीब 22 से 25 करोड रुपए की आय होती है।
3 साल तक हुई थी ऑनलाइन परीक्षा
क्लैट परीक्षा पिछले साल ऑफलाइन मोड पर आयोजित की गई थी। इससे छात्र छात्राएं संतुष्ट नजर आने के बाद परीक्षा पैटर्न को 2020 में भी पेपर पेंसिल मोड पर ही रखा गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2016, 2017 और 2018 में क्लैट परीक्षा केवल ऑनलाइन आयोजित की गई थी। इस दौरान ग्रामीण तबके के विद्यार्थियों को परेशानी आने और ऑनलाइन सेंटर में सर्वर के बार-बार अटकने के कारण परीक्षा में काफी व्यवधान हो रहा था। इसके बाद 2019 में ऑफलाइन परीक्षा फिर से आयोजित की गई थी जो सफल रही।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव, लीगल हटा
लॉ प्रेप के निदेशक सागर जोशी ने बताया कि क्लैट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन 1 जनवरी से 31 मार्च के मध्य ऑनलाइन किया जाएगा। क्लैट कंसोर्सियम ने इस बार परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। प्रश्न पत्र के चार भागों में से लीगल भाग को हटाकर उसके स्थान पर डिडक्टिव रीजनिंग विषय को डाला गया है। परीक्षा 10 मई को दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। हर साल 2 घंटे के प्रश्न पत्र में 200 अंक के सवाल होते हैं लेकिन इस साल परीक्षा पैटर्न में बदलाव होने से प्रश्नों की संख्या 120 से डेढ़ सौ के मध्य रहेगी। अगले महीने क्लैट का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रश्न पत्र के पूर्णाक की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।