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Jodhpur News: जोधपुर के प्रसिद्ध विल्होजी मंदिर के मुख्य पुजारी फंदे से झूलते मिले, पुलिस मान रही आत्महत्या

जोधपुर जिले के रामडावास गांव स्थित प्रसिद्ध विल्होजी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत गोपालदास का शव मंदिर परिसर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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Death of priest Gopaldas

महंत गोपालदास। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। कापरड़ा थाना क्षेत्र के रामडावास गांव स्थित प्रसिद्ध विल्होजी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत गोपालदास फंदे से झूलते हुए मिले। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने पुजारी के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस के अनुसार, मंदिर परिसर के आवासीय क्षेत्र में दरवाजे के समीप थोड़ी ऊंचाई पर लगे पत्थर से महंत गोपालदास का शव लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही विश्नोई समाज के सैकड़ों लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

मामले की जानकारी मिलने पर कापरड़ा थानाधिकारी सुनीता डूडी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को पीपाड़ जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। महंत गोपालदास के निधन की सूचना फैलते ही विश्नोई समाज में शोक की लहर छा गई। समाज के लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

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महंत गोपालदास का पैतृक गांव जालोर जिले के सांचौर में है। घटना की जानकारी उनके परिजनों को दे दी गई है। महंत के परिजनों की ओर से रिपोर्ट पेश किए जाने पर पुलिस नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं दूसरी तरफ मणाई क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक व्यक्ति पर बोलेरो कैंपर चढ़ाने और लोहे के सरियों से हमला करने का मामला सामने आया है। घायल को उपचार के लिए एमडीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सूरसागर थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, जीवण सिंह ने रिपोर्ट दी कि वह 29 मई की शाम करीब 6.30 बजे मणाई स्थित भोमियाजी की थान के पास ट्यूबवेल पर बैठा था। इस दौरान तेना के इंद्रोका निवासी पर्वत सिंह, भगत सिंह, लोकपाल सिंह सहित कुछ लोग वहां पहुंचे। आरोपियों ने उस पर बोलेरो कैंपर चढ़ा दी और बाद में लोहे के सरियों तथा लकड़ियों से मारपीट की। हमले में जीवण सिंह के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर उसका भाई गंगा सिंह मौके पर पहुंचा और उसे उपचार के लिए एमडीएम अस्पताल लेकर गया। परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि उसका और पर्वत सिंह के बीच पुराना विवाद चल रहा है।