ठेका फर्म को हर कलस्टर के लिए 17 ऑटो टिपर, रिक्शा व ट्रोली खरीदनी होगी।
जोधपुर. चार-चार वार्डोँ का कलस्टर बनाकर नगर निगम की ओर से घर-घर कचरा संग्रहण योजना का प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। आलम यह है कि निगम जब भी टेंडर लगाता है, निगम को बहुत कम संवेदक मिल रहे है। यही हालात रहे तो निगम को अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में एक बार फिर खराब रैंकिंग पर आना पड़ सकता है। जबकि निगम ने घर-घर, विभिन्न प्रतिष्ठानों व दुकानों से ठोस कचरा संग्रहण व परिवहन कार्य के लिए निविदाएं निकाली थी। नगर निगम की ओर से 28 सितंबर को 15 कलस्टर बनाकर निविदाएं खोली गई। जिसमें निगम को 2, 10 व 11, 20, 21 व 22 नंबर वार्ड के लिए ही ठेकेदार मिले।
जबकि इससे पहले अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में खोली गई निविदा में 24, 25, 26 व 53, 54, 55, 57 व 58 में संवेदकों ने भाग लिया। उस समय 28, 39, 40, 41 व 32, 33, 36, 47 व 48 वार्डों के लिए कोई संवेदक भाग लेने नहीं आया। जबकि 3, 6, 7 व 8 में काम शुरू हो चुका है। गौरतलब निगम ठेका फर्मों को यह काम पांच साल के लिए देगी। यह फर्म प्रतिष्ठान, दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, क्लिनिक व लेबोरेट्री के अपशिष्ट को एकत्र कर ले जाएगी। ठेका फर्म को हर कलस्टर के लिए 17 ऑटो टिपर, रिक्शा व ट्रोली खरीदनी होगी। इसमें प्रत्येक ऑटो ट्रिपर एक ड्राइवर व हैल्पर रहेगा। ये दो पारियों में कचरा संग्रहण करेगी।
इन वार्डों के लिए कोई नहीं आया
सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के 43, 56, 44, 45,46, 49, 50,51,32,60, 63, 64, 59,61, 62, सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के 12,17,18,19,13,14,15,16,, 4,5,9,1,65, शहर विधानसभा क्षेत्र के 23,29,30, 28,39,40, 32,33,34, 35, 36,37,38,47,48 में अभी तक घर-घर कचरा संग्रहण के लिए कोई संवेदक नहीं आया है। महापौर घनश्याम ओझा ने कहा कि अभी तक पांच कलस्टर खुले हैं। निगम री टेंडर भी कर रहा है।
सफाई अभियान शुरू किया तो जनता बोली रोज क्यों नहीं आते..
भाजपा पदाधिकारियों ने महापौर और कॉलेज के बच्चों के साथ मिलकर बुधवार को फतेहपोल क्षेत्र से सफाई अभियान शुरू किया। स्थानीय लोग यहां पहुंचे और सवाल किया कि ऐसे ही सफाई के लिए प्रतिदिन क्यों नहीं आते? यह अभियान केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री और सांसद गजेन्द्रसिंह शेखावत के जन्मदिन के उपलक्ष में रखा गया था। महापौर घनश्याम ओझा के साथ भाजपा महामंत्री महेन्द्र मेघवाल, पार्षद सुरेश जोशी सहित अन्य मौजूद थे। यह अभियान फतेहपोल से लेकर शहर के भीतरी क्षेत्र होता हुआ घंटाघर पर समाप्त हुआ।