बीस वर्ष पुराना काकाणी हिरण शिकार प्रकरण
जोधपुर . कांकाणी हिरण शिकार मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान , सैफ अली खान , अभिनेत्री नीलम, सोनाली व तब्बू की किस्मत का फैसला जल्द ही होने वाला है। शिकार के इस मामले में उन्हें सजा होगी या वे बरी होंगे, इस बारे में न्यायालय निर्णय आने वाला है। मामले की 28 मार्च सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला देवकुमार खत्री ने फैसला सुरक्षित रखा था। सलमान के काले हिरण शिकार मामले में फैसला पर देश विदेश के मीडिया की नजर बनी हुई है। गुरुवार सुबह से ही कोर्ट रूम के बाहर पुलिस बल तैनात है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है और कोर्ट रूम छावनी में तब्दील हो गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा के न्यायालय के बाहर 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। कोर्ट खुलाने पर कर्मचारियों में अलग उत्साह नजर आया और महिला कर्मी विशेष तैयार होकर पहुंची हैं। इस बार प्रशंसक कम नजर आ रहे हैं। स्थानीय आरोपी दुष्यंत सिंह कोर्ट रूम पहुंच चुका है। न्यायालय ने फैसला सुनाए जाने के दौरान सभी आरोपियों को उपस्थित रहने के आदेश दिए गए थे। फैसले से एक दिन पूर्व बुधवार दोपहर सभी पांचों आरोपी जोधपुर पहुंच गए। सलमान अपनी दोनों बहनों अलवीरा व अर्पिता के साथ अपने वकील आनंदजी देसाई के साथ आए हैं।
सुबह आएगा फैसला
आरोपी गुरुवार सुबह करीब सवा दस बजे तक न्यायालय पहुंचेंगे। सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत के अनुसार सीजेएम कोर्ट 11 बजे फैसला सुनाएगा। इस दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े उपाय किए हैं। आरोपियों को उदयमंदिर की ओर वाले गेट से न्यायालय में लाया जाएगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर की अदालत इसी गेट के नजदीक प्रथम तल पर है।
पुलिस बरत रही सतर्कता, शेरा भी बाहर रहेगा
गत दिनों गेंगस्टर लॉरेंस द्वारा सलमान को मारने की धमकी दिए जाने के मद्देनजर पुलिस खास सावचेती बरत रही है। कोर्ट रूम के बाहर तीन स्तरीय बेरिकेट्स लगाए गए हैं। सम्बन्धित पक्ष के अलावा किसी को भी कोर्ट रूम में नहीं जाने दिया जाएगा। सलमान के साथ आए उनके बॉडीगार्ड शेरा समेत अन्य बांउसर को बेरिकेट से पहले रोक लिया जाएगा। पुलिस के आला अधिकारी स्वयं व्यवस्थाएं देख रहे हैं।
कितनी हो सकती है सजा
इस प्रकरण में सलमान व अन्य आरोपी दोषी करार दिए जाते हैं, तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 52 तथा 53 के तहत अधिकतम छह साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। सजा होने की स्थिति में आरोपी जिला सत्र न्यायालय में अपील भी कर सकते हैं।