
जोधपुर. यह कभी खुशी गम का सा माहौल था। उन्हें देर से मिलने का गम था तो आखिरकार मिलने की खुशी का ठिकाना भी तो नहीं था। उनकी आंखों में चमक थी तो खुशी के आंसू भी थे। दोनों ने एक दूसरे को देखा तो लिपट पड़े। यह जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन ( bhagat ki kothi station ) का नजारा था। यहां पश्चिम बंगाल के अब्दुल हन्नान पाकिस्तान से आई अपनी बहन शाजिया को लेने केलिए भगत की कोठी स्टेशन पहुंचे तो यह दृश्य देखने में आया। इस तरह ईद ( Eid ) और राखी ( Ralkhi ) पर भाई बहन का प्यार और गहरा हो गया। हन्नान ने बताया कि उनकी बहन 9 साल बाद भारत आई है।
दरअसल कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद भारत-पाक तनाव के बीच थार एक्सप्रेस रविवार को जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन पहुंची तो हर मुसाफिर और उसके रिश्तेदार को इसी तरह खुशी से झूमते हुए देखा। थार एक्सप्रेस यहां पहुंचते ही मुसाफिर और उनके रिश्तेदार मारे खुशी के रो पड़े। ठीक ईद और राखी से पहले मुसाफिरों के यहां पहुंचने से रिश्तेदारों की त्योहार से पहले खुशी दुगुनी हो गई। अब वे आराम से साथ में त्योहार मनाएंगे।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर धारा 370 हटने के बाद पाकिस्तान के रेलमंत्री ने शुक्रवार को थार एक्सप्रेस के संचालन को रद्द करने का ऐलान कर दिया था। ऐसे में भारत की ओर से भगत की कोठी उपनगरीय रेलवे स्टेशन से थार लिंक एक्सप्रेस ( thar express ) के संचालन पर भी एकबारगी संशय पैदा हो गया था,मगा लेकिन पाक रेलमंत्री की बयानबाजी खोखली साबित हुई और ट्रेन का संचालन हुआ। जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन से शुक्रवार देर रात 1 बजे रवाना हुई थार एक्सप्रेस शनिवार सुबह करीब 7 बजे भारतीय सीमा के अंतिम स्टेशन मुनाबाव स्टेशन पहुंची थी, जहां पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों की इमिग्रेशन आदि जांच की थी।