इस तरह के अवैध निर्माण में नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का अंदेशा है।
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. नगर निगम अपनी जमीनों को लेकर बिलकुल सतर्क नहीं है। वार्ड संख्या 61 के माता का थान बासनी तंबोलियान में नगर निगम की करोड़ों रुपयों की जमीन को अतिक्रमी कौडियों के भाव बेच रहे हंै। नगर निगम के पास शिकायत है, उसके बावजूद जिम्मेदार नींद में सोए हुए है। शिकायतकर्ता शेरसिंह ने खसरा नंबर 107 पर अवैध कब्जा व अतिक्रमण की शिकायत की है। जबकि यहां अतिक्रमणियों ने पक्के व कच्चे सभी तरह के मकान बना रखे हंै। कइयों ने भूमि तक बेच दी है। बिजली कनेक्शन तक ले लिए हैं। पानी का कनेक्शन अवैध रूप से जोड़ रखा है।
जबकि 8 अक्टूबर को नगरीय विकास, आवासन व स्वायत्त शासन विभाग ने भी आदेश जारी कर कहा था कि कर्मचारी व अधिकारीगण चुनाव ड्यूटी पर रहेंगे, ऐसे में अतिक्रमण व अवैध निर्माण सख्ती से रोकें। उसके बावजूद निगम बहुत कम कार्रवाइयां कर रहा है। यहां निगम ने 15 जनों को गत 14 जुलाई 2017 को नोटिस जारी किया था। यहां भू-माफियाओं ने पूरी जमीन को प्लाटों में विभक्त कर रखा है। यहां कई अतिक्रमी विद्युत कनेक्शन तक ले रहे है। इसकी फाइल कई बार निगम में जाती है और ठोस कार्रवाई के अभाव में पुन: दब जाती है।
अतिक्रमण की शिकायत पब्लिक के भरोसे
इस तरह के अवैध निर्माण में नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का अंदेशा है। जबकि वार्ड के निरीक्षक व सीएसआई के जरिए निगम में ऐसे अवैध निर्माणों की सूचना पहुंचनी चाहिए, लेकिन अक्सर इस तरह के मामले में आस-पड़ोस के लोगों के जरिए उपायुक्त व आयुक्त तक शिकायतें पहुंचती है। आमजन द्वारा लगातार निगम में सूचित किए जाने के बाद भी कोई एक्शन नहीं होता। ऐसे में निगम के वार्ड व जोन स्तर के अधिकारियों पर सवालिया निशान लग रहा है। उल्लेखनीय है कि निगम अतिक्रमण दस्ते ने सोमवार को ही बासनी तंबोलिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी, ये जगह महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। लेकिन जिम्मेदारों ने यहां कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर खातेदारों के रास्ते भी अतिक्रमण की वजह से बंद हो रहे हंै।
बात नहीं हो पाई
इस संबंध में पत्रिका ने उपायुक्त सरदारपुरा चंचल वर्मा से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
इनका कहना
ऐसी भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। ऐसी जमीन लोग नहीं खरीदे, लोगों को सावधान रहना चाहिए। हम कार्रवाई करवाएंगे।
- दुर्गेश बिस्सा, आयुक्त, नगर निगम