
धुंधाड़ा/बासनी (जोधपुर). धुंधाड़ा कस्बे के लोलासनी मार्ग पर चल रहे कपड़े की अवैध धुलाई के विरोध में लामबंद हुए किसान बुधवार को फैक्ट्री के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बाद फैक्ट्री संचालक की ओर से एक पखवाड़े में उद्योग बंद करने के आश्वासन पर किसानों ने धरना हटाया। गौरतलब है कि कस्बे से तीन किमी दूर चल रहे कपड़े के अवैध धुलाई उद्योग से निकलने वाले पानी के कारण नदी दूषित हो रही थी। इससे फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर परेशान किसानों ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया था। बुधवार को किसान इस फैक्ट्री के बाहर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार शैतान सिंह ने फैक्ट्री को बंद करवाकर काम बंद करवाया। फैक्ट्री संचालक की ओर से दो सप्ताह में इस उद्योग को पूरी तरह से बंद करने के लिखित आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
दो साल पहले किया था सीज
इस फैक्ट्री को अक्टूबर 2015 में एसडीएम अयूब खां, तत्कालीन तहसीलदार सत्यनारायण सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने सीज किया था। इसके बाद फैक्ट्री में फिर से कपड़ों की अवैध धुलाई का कारोबार खड़ा कर दिया गया। फैक्ट्री में भारी मात्रा में कपड़े का कच्चा माल मिला।
इन्होंने बताया
सूचना पाकर मौके पर पहुंचा था। विरोध को देखते हुए फैक्ट्री में काम बंद करवा दिया है। मालिक से संबंधित कागजात पेश करने को कहा है
- शैतानसिंह, तहसीलदार, लूणी।
मैं बाहर गया था। मौके पर तहसीलदार को भेजा था। दो साल पहले भी इसी फैक्ट्री को सीज किया गया था। कागजात देखकर आवश्यक कदम उठाए जाएंग
े- अयूब खां, एसडीएम, लूणी।