
जोधपुर। मथुरादास माथुर अस्पताल के एक्यूट केयर वार्ड में रविवार रात करीब दो बजे एक बेड में अचानक आग लग गई। हादसे में एक महिला मरीज झुलस गई। जिसे गंभीर अवस्था में बर्न यूनिट में भर्ती करवाया है। हादसे की जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने ही एक कमेटी का गठन किया है। प्रारंभिक तौर पर वार्ड में किसी मरीज परिजन द्वारा बीड़ी पीने और उसकी चिंगारी से आग लगना बताया गया है। लेकिन परिवार के लोग ऑक्सीजन मास्क से आग लगने का आरोप लगा रहे हैं। हादसे के बाद एक नर्सिंग स्टाफ को एपीओ कर दिया व तीन संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया है। गौरतलब है कि 15 नवंबर को झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआइसीयू में भीषण आग लगने से 18 नवजात की मौत हो चुकी है।
आग लगने से महिला के कंधे के पास का हिस्सा व एक हाथ जल गया है, उसे बर्न यूनिट में भर्ती करवाया है। परिजन ने आरोप लगाया कि आग ऑक्सीजन मास्क से लगी। आग बुझाने के लिए भी स्टाफ नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे बाद नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। मरीज के परिजन का कहना है कि घटना रात 2 से 3 बजे के बीच की है। आग लगने के बाद आस-पास के मरीज के परिजनों ने मदद की, लेकिन नर्सिंग स्टाफ, वहां तैनात सुरक्षा कर्मचारी व सफाई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद परिजन ने खुद ही आग बुझाई।
हादसे के बाद जब पहली बार हमारी टीम पहुंची तो माचिस की तीलियां और कुछ बीडी के टुकड़े मिले हैं। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। जिम्मेदार स्टाफ को हटाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे पूरी कार्रवाई होगी।