
जोधपुर।
पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर के पश्चिमी जिले की जिला विशेष टीम (डीएसटी) व बोरानाडा थाना पुलिस ने गैंगवार के चलते चौपासनी रोड पर एक आवासीय कॉलोनी के मुख्य गेट पर युवक पर अंधाधुंध फायरिंग करने के मामले में फरार दो युवकों को गिरफ्तार किया। इन पर 25-25 हजार रुपए का इनाम था।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम गौरव यादव ने बताया कि गत वर्ष एक फरवरी को वीतराग सिटी आवासीय कॉलोनी के मुख्य गेट पर भाटेलाई पुरोहितान निवासी राकेश मांजू पर नकाबपोश शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। सिर में गोली लगने के बावजूद राकेश की जान बच गई थी। जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था। वारदात के बाद से धनसिंह व जनकसिंह फरार हो गए थे। इन पर 5-5 हजार रुपए के इनाम घोषित किए गए थे। तलाश के बाद भी पकड़ में न आने पर दोनों के खिलाफ इनामी राशि बढ़ाकर 25-25 हजार रुपए कर दी गई थी। इस बीच, डीएसटी के कांस्टेबल सुरेश को दोनों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले। आरोपियों के उदयपुर में होने का पता लगा। डीएसटी प्रभारी एसआइ मनोज कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल बजरंगसिंह, कांस्टेबल सुरेश, बलवीर, दिनेश, सुनील व फरसाराम उदयपुर पहुंचे और साइबर सैल के तकनीकी एक्सपर्ट हेड कांस्टेबल प्रेम की मदद से तलाश कर आसोप थानान्तर्गत पालड़ी राणावता निवासी धनसिंह पुत्र श्रवणसिंह और चौखा में नयापुरा निवासी जनकराज सिंह पुत्र गजेन्द्रसिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद बोरानाडा थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
कैलाश मांजू और विक्रम सिंह-दिनेश बंबानी गैंग में है रंजिश
गौरतलब है कि हार्डकोर कैलाश मांजू और दिनेश बंबानी-विक्रमसिंह नांदिया के बीच सालों से रंजिश चल रही है। राकेश मांजू ने डाली बाई सर्कल के पास कार में सवार विक्रमसिंह पर गोलियां चलाईं थी, लेकिन वह बच गया था। इसका बदला लेने के लिए विक्रमसिंह ने रैकी के बाद गत वर्ष 1 फरवरी को अपने साथियों से वीतराग सिटी में राकेश मांजू पर अंधाधुंध फायरिंग करवाई थी। बजरंगसिंह ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस ने लम्बे समय तक फरार रहने के बाद विक्रमसिंह व दिनेश बंबानी को गिरफ्तार किया था। बजरंगसिंह अभी भी फरार है।