राजस्थान के थार स्थित जिलों में मार्च महीने का पिछले सौ सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। यहां मार्च में ही आसमान एेसी आग बरसा रहा है कि तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। जानें कहां कितनी गर्मी पड़ रही है...
राजस्थान स्थित थार के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जिलों में मार्च महीने में ही भीषण पड़ रही है। सूरज ने जून की आग मार्च में ही उगल दी। तीनों जिलों में मार्च महीने का पिछले 100 साल की गर्मी का रिकॉर्ड तकरीबन टूट गया है। बाड़मेर में दोपहर में पारा जब 44.4 डिग्री को छुआ, जो जिले में अब तक का यह सर्वाधिक तापमान था। बाड़मेर में इससे पहले 30 मार्च 1946 को तापमान 43.3 डिग्री मापा गया था।
मार्च के महीने में बाड़मेर में कभी भी तापमान 43 डिग्री से ऊपर नहीं गया। जैसलमेर में दोपहर में तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो जैसलमेर के मार्च के सर्वाधिक तापमान के रिकॉर्ड की बराबरी पर है। जैसलमेर में 31 मार्च 2012 को भी तापमान यही रहा था, यानी रविवार को जैसलमेर में भी 100 साल का रिकॉर्ड तापमान था। सूर्यनगरी जोधपुर भी भट्टी की तरह सिक रहा था। जोधपुर में तापमान 41.5 डिग्री रहा। पिछले 100 साल का रिकॉर्ड देखें तो जोधपुर में मार्च के महीने में सर्वाधिक तापमान 31 मार्च 1984 को 41.6 डिग्री था। बाजार में दोपहर को सन्नाटा सा रहा।
एकदम गर्मी की आहट से पशु-पक्षी और जानवर भी बेचैन हो उठे। मौसम विभाग के अनुसार पिछले चार-पांच दिन से पाकिस्तान सहित अन्य खाड़ी देशों की तरफ से आ रही दक्षिणी पश्चिमी हवा की वजह से तापमान में यह उछाल देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है तापमान 40 डिग्री के ऊपर ही रहेगा। वैसे मौसम विभाग ने बाड़मेर व जैसलमेर में अगले 2 दिन तक लू चलने की आशंका जताई है, इसके लिए मौसम विभाग ने रेडी इंडिकेटर भी जारी किया है।
सूर्यनगरी में सूरज का सितम
जोधपुर में सुबह पारा 21.4 डिग्री रहा। सुबह-सुबह मौसम सामान्य था, लेकिन जैसे ही सूरज धीरे-धीरे से क्षितिज पर चढऩा शुरू हुआ तो आसमान से जैसे आग बरसने लगी। दोपहर तक तापमान सुबह से 20 डिग्री ऊपर जाकर 41.5 डिग्री पर पहुंच गया। रिकॉर्ड तापमान होने से दोपहर में इमारतें और सड़कें भट्टी की तरह तप रही थी। जोधपुर जिले के फलोदी में दिन का तापमान 43 डिग्री रहा।