जोधपुर. सुहागिन महिलाओं की ओर से सौभाग्य और अखंड दांपत्य सुख की कामना के लिए मनाया जाने वाला प्रमुख लोक पर्व गणगौर बुधवार को पारंपरिक बिंदी रस्म के साथ शुरू हो गया। अब गवर माता का पूजन चैत्र शुक्ल तीज तक प्रतिदिन किया जाएगा। गणगौर पूजन के इस पखवाड़े में विभिन्न घरों में गवर पूजने […]
जोधपुर.
सुहागिन महिलाओं की ओर से सौभाग्य और अखंड दांपत्य सुख की कामना के लिए मनाया जाने वाला प्रमुख लोक पर्व गणगौर बुधवार को पारंपरिक बिंदी रस्म के साथ शुरू हो गया। अब गवर माता का पूजन चैत्र शुक्ल तीज तक प्रतिदिन किया जाएगा।
गणगौर पूजन के इस पखवाड़े में विभिन्न घरों में गवर पूजने वाली तीजणियां किसी एक घर में एकत्र होकर श्रद्धा और उत्साह के साथ गवर माता की आराधना करती हैं। इस दौरान घरों और मंदिरों की दीवारों पर रंग-बिरंगे प्राकृतिक रंगों से गवर माता की प्रतिकृति उकेरने के बाद प्रतिदिन विधि-विधान से पूजन कर सौभाग्य की कामना की जाती है।
पूजन स्थल पर सुबह के समय पारंपरिक गणगौर गीतों का गायन होता है, जबकि शाम को आरती और मंगल गीतों की स्वर लहरियों से वातावरण भक्तिमय बन जाता है। गणगौर से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम को लेकर तीजणियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और घर-आंगन भक्ति व परंपरा के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। शहर के पाल रोड अमृत नगर, हटडियों का चौक, भदवासिया, कमला नेहरू नगर, गूंदी मोहल्ला, कुम्हारियां कुआं, आडा बाजार क्षेत्र में तीजणियां गवर माता की आराधना में जुटी है।