जोधपुर

जोधपुर शहर है बदमाशों के निशाने पर, पुलिस कर रही दावा त्योहार पर नहीं करेंगे कोई गड़बड़ी..

पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई व हार्डकोर कैलाश मांजू के गुर्गे पिछले सात-आठ महीने से लगातार शहर के व्यवसायियों के ठिकानों पर फायरिंग कर रहे
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Updated: 14 Oct 2017, 4:48 PM IST
increasing crime in jodhpur
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रंगदारी वसूलने के लिए जोधपुर शहर बदमाशों के निशाने पर है। पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई व हार्डकोर कैलाश मांजू के गुर्गे पिछले सात-आठ महीने से लगातार शहर के व्यवसायियों के ठिकानों पर फायरिंग कर रहे हैं। पुलिस ने कुछ युवकों की धरपकड़ जरूर की है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली सिर पर है। खरीदारी के लिए बाजारों में आमजन की भीड़ उमडऩी शुरू हो गई है। एेसे में मुख्य आरोपियों के पकड़ में न आने से एक बार फिर खतरा मण्डराने लगा है। पुलिस व आमजन को अंदेशा है कि समय रहते इनको पकड़ा नहीं गया तो त्योहार में खलल न पड़ जाए।

पुलिस का दावा, नहीं करेंगे कोई गड़बड़ी
लॉरेंस विश्नोई के गुर्गे हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट, काली राजपूत व भोमाराम विश्नोई को पकडऩे के लिए पुलिस हर जगह हाथ पांव मार रही है। इन्हें पनाह देने वाले और मदद करने वालों तक पर नकेल कसी जा रही हैं। हर सूचना पर पुलिस पीछे भाग रही है। अधिकारियों का मानना हैं कि चूंकि पुलिस का दबाव काफी अधिक है, इसलिए बदमाश अब जोधपुर की तरफ रूख नहीं करेंगे।

कई और नामचीन व्यापारी निशाने पर
गत मार्च माह से अब तक ट्रैवल्स मालिक, डॉक्टर, हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक, मोबाइल व्यवसायी, अधिवक्ता, ज्वैलर और प्रोपर्टी व्यवसायी को धमकियां मिल चुकी है। मोबाइल व्यवसायी को तो गोली तक मारी जा चुकी है। इनके अलावा भी शहर के कई नामचीन व्यवसायी निशाने पर हैं। पुलिस अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है।

व्यवसायियों की सुरक्षा बढ़ाई
गत सत्रह सितम्बर को मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या के बाद ट्रैवल्स मालिक, चिकित्सक, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी सहित अन्य की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इनके घर व ऑफिस के साथ ही आने-जाने के दौरान हथियारबंद पुलिस तैनात रहती है।

जोधपुर शहर है बदमाशों के निशाने पर, पुलिस कर रही दावा त्योहार पर नहीं करेंगे कोई गड़बड़ी..
रंगदारी वसूलने के लिए जोधपुर शहर बदमाशों के निशाने पर है। पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई व हार्डकोर कैलाश मांजू के गुर्गे पिछले सात-आठ महीने से लगातार शहर के व्यवसायियों के ठिकानों पर फायरिंग कर रहे हैं। पुलिस ने कुछ युवकों की धरपकड़ जरूर की है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली सिर पर है। खरीदारी के लिए बाजारों में आमजन की भीड़ उमडऩी शुरू हो गई है। एेसे में मुख्य आरोपियों के पकड़ में न आने से एक बार फिर खतरा मण्डराने लगा है। पुलिस व आमजन को अंदेशा है कि समय रहते इनको पकड़ा नहीं गया तो त्योहार में खलल न पड़ जाए।

पुलिस का दावा, नहीं करेंगे कोई गड़बड़ी
लॉरेंस विश्नोई के गुर्गे हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट, काली राजपूत व भोमाराम विश्नोई को पकडऩे के लिए पुलिस हर जगह हाथ पांव मार रही है। इन्हें पनाह देने वाले और मदद करने वालों तक पर नकेल कसी जा रही हैं। हर सूचना पर पुलिस पीछे भाग रही है। अधिकारियों का मानना हैं कि चूंकि पुलिस का दबाव काफी अधिक है, इसलिए बदमाश अब जोधपुर की तरफ रूख नहीं करेंगे।

कई और नामचीन व्यापारी निशाने पर
गत मार्च माह से अब तक ट्रैवल्स मालिक, डॉक्टर, हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक, मोबाइल व्यवसायी, अधिवक्ता, ज्वैलर और प्रोपर्टी व्यवसायी को धमकियां मिल चुकी है। मोबाइल व्यवसायी को तो गोली तक मारी जा चुकी है। इनके अलावा भी शहर के कई नामचीन व्यवसायी निशाने पर हैं। पुलिस अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है।

व्यवसायियों की सुरक्षा बढ़ाई
गत सत्रह सितम्बर को मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या के बाद ट्रैवल्स मालिक, चिकित्सक, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी सहित अन्य की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इनके घर व ऑफिस के साथ ही आने-जाने के दौरान हथियारबंद पुलिस तैनात रहती है।

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