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Jodhpur: कुमावत समाज का बड़ा फैसला, नशामुक्त बारात, आतिशबाजी पर रोक, दूल्हों का क्लीन शेव होना अनिवार्य

Kumawat Samaj: कुमावत समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन इस बार सख्त सामाजिक नियमों और सादगी के संदेश के साथ आयोजित होगा।

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कुमावत समाज के तत्वाधान में तृतीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में लग्न लिखते हुए। फोटो- पत्रिका

बिलाड़ा। कुमावत समाज का तृतीय सामूहिक विवाह सम्मेलन इस बार सामाजिक सरोकारों के साथ आयोजित होगा। सम्मेलन को लेकर समाज ने सख्त नियम तय करते हुए बारात को पूरी तरह नशामुक्त रखने, दूल्हों के लिए क्लीन शेव अनिवार्य करने और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

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कार्रवाई की चेतावनी

नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार यह सम्मेलन अक्षय तृतीया, 19 अप्रेल को आयोजित होगा, जिसमें 12 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। सम्मेलन के लिए समाजबंधुओं ने घर-घर जाकर पीले चावल देकर निमंत्रण दिया। वहीं राजस्थान सहित मद्रास, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित दक्षिण भारत के विभिन्न क्षेत्रों से भी समाज के लोग भाग लेने पहुंचे और सहयोग राशि व सामग्री प्रदान की।

12 जोड़ों के लिखे गए लग्न

सम्मेलन को लेकर शुक्रवार को सरदार पटेल शिक्षण संस्थान में शुभ मुहूर्त में 12 जोड़ों के लग्न लिखे गए। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणपति महाराज की पूजा कर कुमकुम पत्रिका लिखते हुए सम्मेलन का विधिवत निमंत्रण दिया। आयोजन में समाज के पंच-पदाधिकारी, वर-वधू पक्ष के परिजन व बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। पंडित किशोर महाराज के सानिध्य में वैदिक विधि से लग्न लेखन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इसके बाद गणपति मंदिर में पूजा-अर्चना कर कुमकुम पत्रिका अर्पित की गई। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।

मर्यादा बनाए रखना जरूरी

सामूहिक विवाह सम्मेलन के आयोजकों और समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम को सादगी, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में दूल्हों के लिए क्लीन शेव अनिवार्य रखने का निर्णय लिया गया है। आयोजकों का मानना है कि विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों का प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है, इसलिए इसमें अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि दाढ़ी वाले दूल्हों को सम्मेलन में शामिल नहीं किया जाएगा।

समाज में सकारात्मक संदेश देना

अध्यक्ष मोहनलाल करोलिया ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देना भी है। इसी के तहत नशामुक्ति को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में सम्मेलन में आता है तो उसके खिलाफ समाज और प्रशासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

भगवती प्रसाद नागोरा ने कहा कि सम्मेलन में नशा करने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर आता है तो समाज अपने स्तर पर सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में नशामुक्ति और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा।

नारायण राम जटपड़ ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सादगी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार से विवाह संपन्न कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को सकारात्मक संदेश देना है। उन्होंने कहा कि दाढ़ी और नशा जैसी प्रवृत्तियां समाज के लिए हानिकारक हैं, इसलिए युवाओं को सादगी और संस्कारों की ओर प्रेरित किया जाएगा। सम्मेलन के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा।