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Bus Fare Hike: जोधपुर में महंगाई की मार, निजी बसों का सफर हुआ महंगा, यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ

Jodhpur Bus Fare Hike: डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब निजी बस किराए पर भी दिखने लगा है। जोधपुर के कई रूटों पर बस संचालकों ने किराया बढ़ा दिया है, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 29 May 2026, 4:27 PM IST

Jodhpur Bus Fare Hike

भदवासिया में खड़ी निजी बसें। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। महंगाई की मार अब सड़क परिवहन पर भी साफ दिखाई देने लगी है। डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने निजी बस संचालकों की लागत बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। जोधपुर जिले के विभिन्न रूटों पर निजी बसों का किराया बढ़ना शुरू हो गया है, जबकि कई अन्य संचालक भी जल्द किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। बस संचालकों का कहना है कि बीते कुछ समय में डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में पुराने किराए पर बस संचालन करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है।

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नागौर रूट पर रात की बसों में बढ़ा किराया

जोधपुर-नागौर रूट पर अभी बसों में किराया नहीं बढ़ाने की बात संचालक कह रहे हैं, लेकिन रात्रिकालीन निजी बसों में यात्रियों से अधिक राशि वसूली जा रही है। यात्रियों के अनुसार कुछ समय पहले तक नागौर का किराया 150 रुपए लिया जाता था, जो अब बढ़कर 200 रुपए तक पहुंच गया है। यात्रियों के कारण पूछने पर परिचालकों ने डीजल के बढ़ते दामों का हवाला दिया।

बावड़ी-पांचौड़ी रूट पर 5-10 रुपए तक बढ़ोतरी

जोधपुर से बावड़ी-पांचौड़ी के बीच चलने वाली निजी बसों में भी किराया बढ़ चुका है। बस मालिकों का कहना है कि फिलहाल 5 से 10 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है, लेकिन यदि डीजल की कीमतों में इसी तरह इजाफा जारी रहा तो आने वाले दिनों में किराया और बढ़ सकता है। संचालकों के अनुसार डीजल महंगा होते ही प्रति ट्रिप खर्च स्वतः बढ़ जाता है।

पाली-सोजत रोड मार्ग पर भी असर

जोधपुर से पाली-सोजत रोड के बीच चलने वाली निजी बसों में भी लगभग 10 रुपए तक किराया बढ़ाया गया है। एक बस के परिचालक ने बताया कि डीजल के दामों में लगातार तीन-चार बार हुई वृद्धि के बाद किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है। डीजल की दर तीन-चार बार बढ़ने के बाद अब जाकर किराया बढ़ाया गया है। इससे पहले पुराने किराए पर ही बसों का संचालन किया जा रहा था।

संचालकों को यात्री घटने की चिंता

एक ओर डीजल की बढ़ती कीमतें निजी बस संचालकों की चिंता बढ़ा रही हैं। वहीं दूसरी ओर किराया बढ़ने से यात्री भार कम होने की आशंका भी सताने लगी है। संचालकों का मानना है कि यदि महंगाई का यही दौर जारी रहा तो सार्वजनिक परिवहन पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।