
जोधपुर एयरपोर्ट पर आसाराम। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद आसाराम जोधपुर पहुंच गया है। उसके आने की सूचना मिलते ही जोधपुर एयरपोर्ट पर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। एयरपोर्ट से वह सीधे पाल गांव स्थित आश्रम पहुंचा और बाद में एम्स में भर्ती हो गया। माना जा रहा है कि वह गुरुवार शाम से पहले जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर सकता है। बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम को मिली उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी थी।
यह वीडियो भी देखें
कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश भी दिए थे। इसके बाद आसाराम बुधवार देर शाम हरिद्वार से दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में आसाराम की शेष जीवन तक आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि कोर्ट ने आसाराम को गैंगरेप और आपराधिक साजिश के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन बलात्कार के मामले में सजा की पुष्टि होने से कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।
न्यायाधीश अरुण मोंगा और न्यायाधीश योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने 86 वर्षीय आसाराम और दो सह-अभियुक्तों की अपीलों पर एक साथ 92 पेज का फैसला सुनाया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि रात के अंधेरे में एक नाबालिग लड़की को अकेले बुलाने का कृत्य ही अभियुक्त के इरादे को बयान करता है। निर्दाेषता अंधेरे और बंद दरवाजों की तलाश नहीं करती। खंडपीठ ने सह-अभियुक्त हॉस्टल वार्डन संचिता उर्फ शिल्पी और शरद चंद्र को बरी करते हुए कहा कि यह साबित नहीं हुआ कि उन्हें आसाराम के वास्तविक इरादों की जानकारी थी।
अधीनस्थ अदालत ने दोनों को 20-20 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 376(2)(एफ) के तहत भरोसे के पद पर रहकर बलात्कार करने के जुर्म में आसाराम की आजीवन कारावास की सजा कायम रखी है, जो उनके प्राकृतिक जीवन के अंत तक चलेगी। इसी तरह धारा 342, 370(4), 506 और पोक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत भी उसे दोषी ठहराया गया है। अधीनस्थ अदालत ने आसाराम को धारा 376डी के तहत भी आजीवन कारावास की सजा दी थी, लेकिन इस आरोप और धारा 120बी (आपराधिक साजिश) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 5(ग)/6 से आसाराम को बरी कर दिया गया।
बता दें कि मामला 2013 का है, तब पीड़िता 16 साल की थी। वह मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के ही गुरुकुल में पढ़ती थी। गुरुकुल में चक्कर आने पर हॉस्टल वार्डन शिल्पी ने उसके माता-पिता को बताया कि उनकी बेटी पर भूत-प्रेत का साया है।शिल्पी ने कहा कि आसाराम बापू ने उसे बुलाया है और वही इसका इलाज कर सकते हैं। पीड़िता माता-पिता के साथ 14 अगस्त, 2013 को जोधपुर के मनाई स्थित आश्रम पहुंची थी।
अगली रात प्रार्थना सभा (सत्संग) के बाद, आसाराम ने पीड़िता को अलग बुलाया। अपनी कुटिया में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया, रोशनी बंद कर दी और उसके साथ बलात्कार किया। जब उसने विरोध किया और चिल्लाने की कोशिश की, तो आसाराम ने उसका मुंह दबाते हुए उसके परिवार को मारने की धमकी दी। पीड़िता चार दिनों तक चुप रही। 19 अगस्त, 2013 को उसने अपनी मां को सब कुछ बता दिया। बाद में 21 अगस्त, 2013 को दिल्ली से स्थानांतरित होकर मामला जोधपुर में दर्ज हुआ और 1 सितंबर, 2013 को आसाराम को गिरफ्तार किया गया।
Published on:
28 May 2026 04:49 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
