
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा (PIC सोशल मीडिया)
राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा इन दिनों पूरे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जयपुर और चौमूं में ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई के बाद अब मंत्री मीणा का काफिला आज यानी 27 मई 2026 को अचानक सूर्य नगरी जोधपुर पहुंचा। यहां के कृषि और औद्योगिक हल्कों में उस समय हड़कंप मच गया जब खुद कृषि मंत्री ने बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीज निर्माण इकाइयों और कोल्ड स्टोरेज पर धावा बोल दिया। इस औचक कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक महकमे में गोपनीयता का स्तर इतना ऊंचा था कि स्थानीय अधिकारियों को भी इसकी भनक ऐन वक्त पर लगी। बुधवार सुबह जोधपुर सर्किट हाउस से जैसे ही कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का गाड़ियों का काफिला रवाना हुआ, पूरे शहर के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
गाड़ियों का काफिला शहर के विभिन्न मार्गों से चक्कर काटता रहा और हर कोई केवल कयास लगाता रह गया कि आखिर इस बार बाबा (किरोड़ी लाल मीणा) का अगला निशाना कौन सा अवैध कारोबारी होने वाला है।
इस पूरी हाई-प्रोफाइल छापेमार कार्रवाई का सबसे संवेदनशील और मानवीय पहलू यह रहा कि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पिछले कुछ समय से शारीरिक रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं। डॉक्टरों द्वारा उन्हें आराम करने की सख्त हिदायत दी गई थी और आज सुबह भी जोधपुर पहुंचने पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण (चेकअप) किया था।
परंतु, किसानों के साथ नकली बीज और खाद के नाम पर हो रही धोखाधड़ी की पुख्ता खुफिया शिकायतें मिलने के बाद, डॉ. मीणा ने अपनी सेहत की परवाह न करते हुए सीधे मैदान में उतरने का फैसला किया। मेडिकल चेकअप पूरा होते ही वे अपने काफिले और विभागीय जांच दल के साथ सीधे बोरानाडा के औद्योगिक क्षेत्र पहुंच गए और खुद खड़े होकर मिलों और गोदामों के भीतर रखे माल की भौतिक जांच शुरू कर दी।
विभागीय अधिकारियों से प्राप्त प्राथमिक विवरण के अनुसार, कृषि विभाग को पिछले लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ शातिर अवैध बीज कारोबारी खुले बाजार से कम दाम पर साधारण खाने वाली वाणिज्यिक मूंगफली की खरीद करते हैं। इसके बाद बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, बिना ग्रेडिंग और बिना आवश्यक रासायनिक उपचार के, उस साधारण मूंगफली को चमकीली थैलियों और ब्रांडेड बोतलों में पैक करके महंगे और उच्च गुणवत्ता वाले 'प्रमाणित बीज' के रूप में किसानों को बेचकर करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमा रहे हैं।
आज जब मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बोरानाडा स्थित एक कोल्ड स्टोरेज और संबंधित फैक्ट्रियों पर छापा मारा, तो वहां इस काले कारोबार की लाइव तस्वीरें देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके पर एक बड़ा 10-चक्का ट्रक खड़ा मिला, जिसमें इस घटिया और गैर-कानूनी तरीके से तैयार किए गए मूंगफली बीज की बोरियां भरी जा रही थीं।
यह पूरा माल पड़ोसी राज्य गुजरात की दो बड़ी व्यापारिक फर्मों को सप्लाई करने के उद्देश्य से रवाना किया जा रहा था, जिसे मंत्री के निर्देश पर तुरंत कस्टडी में लेकर जब्त कर लिया गया।
कृषि मंत्री द्वारा एक साथ दो बड़ी फैक्ट्रियों पर की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक का नतीजा बेहद चौंकाने वाला रहा। पहली फैक्ट्री के भीतर जब विभाग की टेक्निकल टीम ने दस्तावेजों, लाइसेंस और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया, तो वहां भारी विसंगतियां पाई गईं। फैक्ट्री के भीतर बिना किसी वैध रिकॉर्ड के अवैध रूप से डंप किया गया करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का संदिग्ध मूंगफली बीज और कच्चा माल पाया गया, जिसे मंत्री मीणा ने तत्काल प्रभाव से सील करने के आदेश दे दिए।
वहीं, जब प्रशासनिक अमला दूसरी फैक्ट्री के परिसर में पहुंचा, तो वहां हड़कंप का माहौल था। मंत्री के आने की भनक मिलते ही दूसरी फैक्ट्री का मुख्य संचालक और मालिक परिसर खुला छोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहा। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मालिक की अनुपस्थिति के बावजूद पूरी फैक्ट्री को अभी सील कर दिया जाए और पुलिस सुरक्षा तैनात की जाए ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
कार्रवाई पूरी होने के बाद मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों और किसानों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बेहद कड़े और सपाट शब्दों में अपनी सरकार की नीति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भजनलाल सरकार प्रदेश के सीधे-साधे किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले ऐसे माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है।
कृषि मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश देते हुए कहा, "किसानों के हितों और देश की खाद्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले ये मिलावटखोर और नकली बीज माफिया समाज के सबसे बड़े दुश्मन हैं। गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणित और वैज्ञानिक रूप से जाँचे गए बीज उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।''
उन्होंने कहा आज जब्त किए गए 50 करोड़ के इस पूरे स्टॉक के सैंपल तुरंत सरकारी लैबोरेट्री में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जैसे ही लैब की रिपोर्ट में मिलावट या गैर-प्रमाणित होने की पुष्टि होगी, इन दोनों फैक्ट्रियों के मालिकों और इनके पूरे नेटवर्क के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर इन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।
इस पूरी घटना ने केवल व्यापारियों के काले कारनामों को ही उजागर नहीं किया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर तैनात कृषि विभाग के निरीक्षकों और गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि जब बोरानाडा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये का इतना बड़ा अवैध कारोबार फल-फूल रहा था, तो स्थानीय स्तर पर तैनात सरकारी अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी?
मंत्री मीणा ने इस प्रशासनिक ढिलाई को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने जयपुर और चौमूं की तर्ज पर जोधपुर के अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में किसी भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आई, तो उनके खिलाफ भी तत्काल प्रभाव से निलंबन और विभागीय जांच की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Updated on:
27 May 2026 02:33 pm
Published on:
27 May 2026 02:26 pm
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