जोधपुर

Jodhpur: पाक बॉर्डर पर बढ़ेगी हमारी हवाई ताकत

indian airforce news jodhpur airforce - बीकानेर के नाल स्टेशन पर आएगी मिग-21 बायसन की कोबरा स्क्वाड्रन- जोधपुर आ सकती है सुखोई-30 की एक और स्क्वाड्रन- देश में केवल जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बचे मिग-27 लड़ाकू विमान, 5 महीने बाद हो जाएंगे रिटायर
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Jodhpur: पाक बॉर्डर पर बढ़ेगी हमारी हवाई ताकत

जोधपुर. वायुसेना के पश्चिमी क्षेत्र के सबसे बड़े एयरबेस जोधपुर स्टेशन पर चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआइ की एक और स्क्वाड्रन आने की उम्मीद है। सुखोई की एक स्क्वाड्रन पहले से ही यहां मौजूद है। उधर मिग-21 बायसन की कोबरा स्क्वाड्रन बीकानेर के नाल स्टेशन पर शिफ्ट हो रही है। मिग-21 बायसन कश्मीर से राजस्थान तक पाकिस्तान बॉर्डर पर ही तैनात है जो तुरंत एक्शन में आ सकते हैं। बालाकोट पर भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक के अगले दिन पाक एयरफोर्स के विमानों द्वारा हमला किए जाने पर विंग कमाण्डर अभिनंदन वद्र्धमान ने मिग-21 से ही अत्याधुनिक लड़ाकू विमान एफ-16 को धूल चटाई थी। पाकिस्तान से लगती राजस्थान की सीमा पर लड़ाकू विमानों की अतिरिक्त स्क्वाड्रनें आ जाने से यहां वायुसेना की ताकत में काफी इजाफा होगा। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर वर्तमान में लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिग-27 अपग्रेडेड की एक-एक स्क्वाड्रन है। मिग-27 की अंतिम स्क्वाड्रन पांच महीने बाद दिसम्बर में रिटायर हो जाएगी। इसके बाद जोधपुर में केवल सुखोई की एक स्क्वाड्रन बचेगी, जबकि पिछले साल तक तीन स्क्वाड्रन (मिग-27 की एक अन्य स्क्वाड्रन इस साल की शुरुआत में ही रिटायर हो गई) थी। वायुसेना सूत्रों के मुताबिक जोधपुर में सुखोई-30 की एक और स्क्वाड्रन लाई जा सकती है। हाल ही में भारत ने रूस से 18 नए सुखोई-30 लड़ाकू विमान और 20 मिग-29 लड़ाकू विमान खरीदने की पेशकेश की है।

अंबाला से बीकानेर आएगी कोबरा
हरियाणा के अंबाला स्थित वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या-3 यानी कोबरा स्क्वाड्रन बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन पर शिफ्ट होगी। यह लड़ाकू विमान मिग-21 बायसन की स्क्वाड्रन है। कोबरा के स्थान पर अंबाला में रफाल लड़ाकू विमान की स्क्वाड्रन रखी जाएगी। फ्रांस से पहला रफाल करीब एक महीने बाद सितम्बर में अंबाला पहुंचेगा। जैसे-जैसे रफाल की स्क्वाड्रन पूरी होती जाएगी, कोबरा नाल स्टेशन शिफ्ट होती जाएगी। कोबरा को 1997 में अंबाला में स्थापित किया गया था। भारत ने फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान यानी दो स्क्वाड्रन के लिए सौदा किया है। एक स्क्वाड्रन अंबाला में तैनात होगी जो स्क्वाड्रन संख्या-17 होगी। इसे गोल्डन एरो कहा जाएगा। गोल्डन एरो पहले पंजाब के भटिण्डा में थी, जिसे करगिल युद्ध के समय 1999 में खुद एयरफोर्स चीफ बीएस धनोआ ने कमाण्ड किया था। रफाल की दूसरी स्क्वाड्रन पश्चिमी बंगाल हाशिमारा एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात होगी, जो मिग-27 विमानों का स्थान लेगी।

भारतीय वायुसेना के पास किसकी-कितनी स्क्वाड्रन
लड़ाकू विमान ------ स्क्वाड्रन संख्या
मिग-21 बायसन------ 6
मिग-27 अपग्रेडेड------ 1
मिग-29 ------ 3
जगुआर ------ 6
सुखोई-30------ 11
मिराज-2000------ 3
(एक स्क्वाड्रन में 16 से 18 विमान होते हैं।)

Published on:
25 Jul 2019 06:00 am