जोधपुर

देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो निर्माण के प्रथम चरण का 80% काम पूरा, ₹360 करोड़ से जोधपुर में ले रहा आकार

Jodhpur News: जोधपुर में ₹360 करोड़ की लागत से बन रहे देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो के पहले चरण का करीब 80% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। डिपो तैयार होने के बाद यहां एक साथ तीन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों और 24 कोच वाली ट्रेन का आधुनिक तकनीक से रखरखाव किया जा सकता है।
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Jul 21, 2026
First Vande Bharat Sleeper Maintenance Depot
कोच डिपो में बन रहा पिट का फोटो: पत्रिका

India First Vande Bharat Sleeper Maintenance Depot: रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का निर्माण तेजी से जोधपुर (भगत की कोठी) में आकार ले रहा है। करीब 360 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे इस अत्याधुनिक डिपो के प्रथम चरण का लगभग 80% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद जोधपुर देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।

24 कोच वाली वंदे भारत का रखरखाव

डिपो को भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यहां 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रखरखाव किया जा सकेगा तथा एक साथ तीन ट्रेनों का निरीक्षण एवं मेंटेनेंस संभव होगा। इससे ट्रेनों की नियमित जांच, मरम्मत और तकनीकी परीक्षण कम समय में किए जा सकेंगे जिससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ये कार्य हो रहे

डिपो में करीब 600 मीटर लंबा अत्याधुनिक शेड तैयार किया जा रहा है, जहां ट्रेनों के रखरखाव की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां निरीक्षण पिट, सिंक्रोनाइज्ड लिफ्टिंग सिस्टम, ड्रॉप पिट टेबल, पिट व्हील लेथ, ऑटोमेटेड वॉशिंग सिस्टम तथा व्हील और बॉगी मेंटेनेंस जैसी विश्वस्तरीय तकनीकें विकसित की जा रही हैं। इन अत्याधुनिक व्यवस्थाओं की मदद से ट्रेनों का रखरखाव पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही तकनीकी खराबियों की पहचान भी कम समय में हो सकेगी, जिससे ट्रेनों के संचालन में अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।

जल्द शुरू होगा दूसरा चरण

परियोजना का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। इसमें लगभग 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और सिमुलेटर रूम बनाए जाएंगे, जहां कर्मचारियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण केंद्र में रेलवे कर्मचारियों को आधुनिक उपकरणों और नई तकनीक के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

रोजगार के अवसर

यह परियोजना केवल रेलवे के लिए ही नहीं, बल्कि मारवाड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, तकनीकी कौशल का विकास होगा और जोधपुर आधुनिक रेलवे अवसंरचना के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।
अनुराग त्रिपाठी, डीआरएम

Updated on:
21 Jul 2026 12:32 pm
Published on:
21 Jul 2026 12:32 pm