
Rajasthan Monsoon Update : फाइल फोटो - ANI
Rajasthan Monsoon Update : करीब पखवाड़े भर के ब्रेक के बाद मानसून फिर सक्रिय होने जा रहा है। सोमवार को मानसून ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई। मानसूनी ट्रफ श्रीगंगानगर, दिल्ली, लखनऊ, रांची से होते हुए बंगाल की खाड़ी से गुजर रहा है, जिससे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली को मजबूती मिलेगी। इसके प्रभाव से मंगलवार से प्रदेश में और बुधवार से जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान में बादल और बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर एक दिन में आधा इंच तक बारिश होने की भी संभावना है। पिछले कुछ दिनों से मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की तराई की ओर खिसक गई थी, जिसे 'मानसून ब्रेक' की स्थिति माना जाता है।
इसके कारण प्रदेश में मानसून लगभग निष्क्रिय बना रहा और जून के बाद जुलाई में भी अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी। इसके अलावा प्रशांत महासागर में पैदा हुआ खतरनाक टाइफून बावी ने मानसून के बादल ही गायब कर दिए थे। अलनीनो का भी असर था। अब बारिश का दौर शुरू होने से किसानों के साथ आम लोगों को भी अच्छी बारिश की उम्मीद है।
जोधपुर में सोमवार को उमस ने लोगों को बेहाल रखा। न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहा। सुबह हवा में करीब 70 प्रतिशत नमी रही, जबकि दोपहर में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक था। दोपहर में भी हवा में करीब 50 प्रतिशत नमी बनी रहने से गर्मी और उमस का असर पूरे दिन महसूस किया गया। शाम तक भी राहत नहीं मिली। अब लोगों को मानसूनी बारिश से ही गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य वर्षा 143.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि इस बार 103.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। पूर्वी राजस्थान में 25 प्रतिशत और पश्चिम राजस्थान में 32 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
पश्चिमी राजस्थान के 10 जिलों में से आठ जिलों में बारिश का बड़ा घाटा बना हुआ है। सबसे अधिक कमी जैसलमेर और जालोर में 55-55 प्रतिशत दर्ज की गई है। बाड़मेर में 44 प्रतिशत, हनुमानगढ़ में 50 प्रतिशत, जोधपुर में 46 प्रतिशत, नागौर में 31 प्रतिशत, पाली में 58 प्रतिशत तथा श्रीगंगानगर में 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
केवल बीकानेर और चूरू ही ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बीकानेर में 13 प्रतिशत और चूरू में 12 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
Updated on:
21 Jul 2026 03:53 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:45 pm
