
महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर (पत्रिका फाइल फोटो)
Jodhpur Maternal Death: जोधपुर जिले के तिंवरी अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव का शिकार हुई एक प्रसूता की रविवार देर रात महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने 24 जून को तिंवरी अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन डिलीवरी के बाद लगातार हो रहे रक्तस्राव ने उसकी हालत अत्यंत गंभीर कर दी।
प्रसव के बाद खून न रुकने पर महिला को तुरंत जोधपुर के उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने तक उसका काफी खून बह चुका था। डॉक्टरों ने रक्तस्राव रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण में न आने पर उसकी बच्चेदानी (गर्भाशय) निकालनी पड़ी।
उम्मेद अस्पताल में चार दिन इलाज के बाद, 27 जून को उसे बेहतर इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल स्थानांतरित किया गया। वहां महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया और उसकी किडनी प्रभावित होने के कारण लगातार डायलिसिस की जा रही थी।
एमजीएच के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला को 'हाइपोवॉलेमिक शॉक' लगा था। इस गंभीर स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती।
महिला के शरीर में रक्त की भारी कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किए। इलाज के दौरान उसे 6 यूनिट ब्लड, 14 यूनिट प्लाज्मा और 10 यूनिट क्रायोप्रिसिपिटेट चढ़ाए गए। हालांकि, खून की अत्यधिक कमी के कारण उसकी किडनी डैमेज हो चुकी थी। 14 जुलाई से उसे उल्टियां होने लगीं और उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी, जिसके बाद देर रात उसने दम तोड़ दिया।
कोटा, बीकानेर और बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। पिछले एक महीने के भीतर जोधपुर में करीब 16 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से अधिकांश की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी।
वर्तमान में उम्मेद अस्पताल में 5 और एमजीएच में 2 प्रसूताओं का इलाज जारी है। इनमें बावड़ी की रहने वाली प्रसूता धापू भी शामिल है, जिसकी 13 जुलाई को उम्मेद अस्पताल में गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने की वजह से हालत गंभीर हो गई थी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन बढ़ते मामलों को लेकर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Updated on:
20 Jul 2026 03:38 pm
Published on:
20 Jul 2026 03:38 pm
