
जोधपुर. विश्व को षडग्रही महाप्रलय योग के परिणामस्वरूप 'कोरोना' महामारी को समूल नष्ट करने के लिए जगह-जगह हवन जाप शुरू हो चुके हंै। प्राकृतिक आपदाओं और 'कोरोना' वायरस के भय से आमजन को राहत एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 मार्च को विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। महायज्ञ उपाचार्य पं. रमेश द्विवेदी ने बताया कि सर्व धर्म समभाव भगवान गर्गाचार्य पीठ भांडू कला के तत्वावधान में भारत की एकता अखंडता तथा 'कोरोना' वायरस से आमजन को राहत के लिए शास्त्रीनगर कॉक्स कुटीर के पास स्थित गर्गाचार्य यज्ञशाला परिसर में सूर्यसप्तमी से लगातार 12 लाख विष्णु महापुरश्चरण का जपात्मक यज्ञ किया जा रहा हैं।
यज्ञ में कोरोना महामारी, प्रलय के देवता रुद्र एवं रुद्राणी शक्ति से मानवता को बचाने के लिए प्रार्थना की जा रही हैं। महायज्ञ स्थल पर नमका छमका से रुद्री पाठ तथा रोगाण, शेषाण, हंती तुष्टान, महाशक्तिशाली महामारी निवारक मंत्र संपुट के साथ दुर्गासप्तशति का पाठ अनवरत जारी हैं।64 औषधियों से दी जाएगी आहुतियां प्रधान यज्ञाचार्य पं. मोहनलाल गर्ग ने बताया कि सृष्टि के पालक प्राणों के देवता भगवान विष्णु से मानवता के कल्याण और सृष्टि को बचाने के लिए शनिवार को 108 हवनकुंड में वैष्णव साधकों की ओर से अलग-अलग कुंड पर आहुतियां दी जाएगी।
प्राचीन वेदोक्त विधि से आयोजित महायज्ञ का शुभारंभ सुबह 9 बजे शुरू होगा और पूर्णाहुति शाम 4 बजे की जाएगी। विष्णु महायज्ञ के लिए यज्ञशाला और 108 हवनकुंड तैयार किए जा चुके हैं। यज्ञाचार्य ने बताया कि महायज्ञ में गाय के गोबर, घी सहित नौ प्रकार की दिव्य समधिओं पर 64 औषधियों के साथ सवा लाख आहुतियां दी जाएगी। महायज्ञ स्थल पर विष्णु कवच, विष्णु सहस्रनाम का आपातकालीन अनुष्ठान और रामायण, भागवत मूल पाठ, रामचरित मानस आदि का पाठ भी किया जा रहा हैं।
महाविषुव दिवस कल
उन्होंने बताया कि 21 मार्च को महाविषुव दिन का योग हो रहा हैं। इस दिन सूर्योदय सुबह 6.45 व सूर्यास्त 6.45 बजे होगा। याने दिन व रात की अवधि बराबर होगी। इस दिन पीपल, वटवृक्ष अथवा नीम की समिधा जलाकर गाय के गोबर पर तिल, जौ, गोघृत से हवन करते हुए अपने इष्टदेव मंत्र अथवा ओम विष्णु के जाप से हवन करते हुए कम से कम पांच आहुतियां देना लाभदायक होगा। यह दिवस 20 मार्च शाम 7.19 बजे 21 मार्च शाम 7.19 बजे तक रहेगा।
कोरोना से भयमुक्त करने की प्रार्थना
अखिल भारतीय सैन भक्तिपीठ की ओर से विश्व में कोरोना वायरस की समाप्ति को लेकर जोधपुर जिले के ओसियां उपखंड क्षेत्र के खिंदाकौर में चल रहे अखंड कीर्तन सप्ताह में गुरुवार को महायज्ञ किया गया। मंदिर के महंत सैनाचार्य अचलानंदगिरि के सान्निध्य में आयोजित यज्ञ में गाय का घी, कपूर सामग्री से हवन के बाद पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। यज्ञ में सवा लाख आहुतियां प्रदान कर विश्व को भयमुक्त करने की प्रार्थना की गई। सैनाचार्य ने कहा कि कोरोना जैसी बीमारी खत्म करने के लिए सभी को स्वच्छता के साथ जागरूकता, सतर्कता व समन्वित प्रयास करने की जरूरत हैं। अखंड कीर्तन सप्ताह व महायज्ञ के बाद शोभायात्रा को स्थगित किया गया।