जोधपुर

अब पंजाब से पानी मिलना बंद, 30 दिन जमा पानी से चलाना होगा काम

- इंदिरा गांधी मुख्य नहर में क्लोजर - तीन स्रोतों से जिलेवासियों की प्यास बुझाने की तैयारी - 30 से 35 दिन की जरूरत के पानी का संग्रहण - अब 30 दिन तक जमा पानी से ही चलाना होगा काम  
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Mar 25, 2019
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अब पंजाब से पानी मिलना बंद, 30 दिन जमा पानी से चलाना होगा काम

जोधपुर.

जोधपुर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान की जीवन दायिनी इंदिरा गांधी नहर में पंजाब से आने वाला पानी मंगलवार को थम जाएगा। अब जोधपुर जिले को करीब 30 दिन तक अलग-अलग स्रोतों में जमा पानी से काम चलाना होगा। जलदाय विभाग का दावा है कि इन जलस्रोतों में 30-35 दिन तक जिलेवासियों को पिलाने के लिए पर्याप्त पानी संग्रहीत किया जा चुका है। इस अवधि में माह में दो बार होने वाला 24 घंटे का शटडाउन यथावत रह सकता है।
इंदिरा गांधी नहर के वार्षिक रखरखाव और सफाई कार्य के चलते इस बार 26 मार्च से 25 अप्रेल तक क्लोजर लिया जा रहा है। क्लोजर को देखते हुए जलदाय विभाग ने कुछ माह पहले तैयारी शुरू कर दी थी। इसके तहत अलग-अलग जलस्रोतों में पानी का संग्रहण किया जा रहा था।

नहर की पॉडिंग में 500 एमसीएफटी पानी

राजीव गांधी लिफ्ट केनाल में 500-550 एमसीएफटी पानी स्टोर किया जाएगा। इससे पूरे जिले को करीब 20 दिन तक पेयजल सप्लाई होगा। इसके अलावा सुरपुरा बांध के रिजर्वायर में 700 मीलियन लीटर यानि करीब 15 दिन का पानी शहर के कुछ क्षेत्र व गांवों के लिए रिजर्व रखा गया है।

हर माह के शटडाउन ने रख ली इज्जत

जलदाय विभाग पिछले 9 माह में 15 से अधिक शटडाउन ले चुका है। हर माह 2 शट डाउन लेने से जलस्रोतों में पर्याप्त पेयजल संचित हो सका। कायलाना व तख्तसागर में वर्तमान में 336 एमसीएफटी पानी संचित है। इन जलस्रोतों की कुल क्षमता 410 एमसीएफटी है।

270 क्यूसेक पानी ने दी राहत

पिछले करीब एक साल से नहर से 240 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जा रही थी। करीब दो माह पहले पंजाब से 270 क्यूसेक पानी प्रतिदिन मिलने लगा। इससे शहर के प्रमुख जलस्रोतों में पेयजल संचित होने के साथ ग्रामीण क्षेत्र की दो डिग्गियों को भी भरा गया है।

एक नजर में शहर का पेयजल गणित
- 15-16 एमसीएफटी पानी की आवश्यकता होती है जोधपुर शहर को प्रतिदिन।

- 20 दिन का पानी नहर में पाँडिंग से मिल जाएगा।
- 17 दिन का पानी कायलाना-तख्तसागर में है।

- 15 दिन का पानी सुरपुरा बांध के रिजर्वायर में संचित।

इनका कहना है...
क्लोजर में व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने के लिए प्रयास किए जाएंगे। समय रहते पर्याप्त पानी स्टोर कर लिया है। ऐसे में 30 दिन के क्लोजर में परेशानी नहीं होगी।

- दिनेश कुमार पेडीवाल, एसई, पीएचईडी, जोधपुर।

Published on:
25 Mar 2019 11:40 pm