
जोधपुर. जोधपुर में तैनात एयरफोर्स के लेफ्टिनेंट हिमांशु गुप्ता की भोपाल स्थित उनके आवास पर जहर से मौत हो गई। वे छुट्टियों पर चार दोस्तों के साथ बैंकाक घूमने के बाद घर आए हुए थे। पुलिस के लिए फिलहाल हिमांशु की मौत अबूझ पहेली बनी हुई है, क्योंकि हिमांशु के पास से जहर का पैकेट या शीशी नहीं मिली है। पुलिस ने मेडिकल विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि हिमांशु के शरीर में जो जहर मिला है, वह दो से तीन घंटे में असर दिखाता है, जबकि हिमांशु के माता-पिता के अनुसार वे आठ घंटे से घर में थे। ऐसे में पुलिस का मानना हैं कि हिमांशु ने खुद जहर खाया होता, तो घर में ही जहर की शीशी या पैकेट मिल गया होता। इस दौरान कोई और आकर जहर दे गया, तो उसका असर होने पर हिमांशु ने अपने माता-पिता को क्यों नहीं बताया। हिमांशु के माता पिता का कहना है कि रात में खाना खाने के बाद हिमांशु अपने कमरे में सो गए थे। अल सुबह मां ने उन्हें पिता के कमरे में आकर सोने को बोला, तो वह उठकर आए और सो गए। इस दौरान उन्होंने कोई परेशानी नहीं बताई। अचानक परिजन को अहसास हुआ कि हिमांशु को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। आनन-फानन में वे उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हिमांशु को मृत घोषित कर दिया। पुलिस इस पहलू को देख रही है कि आखिरकार हिमांशु के बिना बताए परिजनों को उन्हें सांस लेने में हो रही दिक्कत के बारे में कैसे पता चला। इसके अलावा पुलिस हिमांशु के साथ बैंकाक गए चारों दोस्तों के भी बयान दर्ज करेगी। पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाने हिमांशु के फोन की कॉल डिटेल, लैपटाप, वाट्सएप, ब्लड सैंपल, टी शर्ट की जांच करा रही है, जिससे कि मौत की गुत्थी सुलझ सके। जिससे कि मौत की गुत्थी सुलझ सके।